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हजारीबाग : विस्फोट के साक्ष्य से छेड़छाड़, सील फैक्ट्री में जोड़ी जा रही दीवारें

फैक्ट्री सील रहने के बावजूद हटाया जा रहा है मलबा एफएसएल जांच होने तक किसी के प्रवेश पर थी रोक डीएसपी के आदेश पर 23 को सील की गई थी फैक्ट्री 22 सितंबर को विस्फोट में दो मजदूरों की हुई थी मौत Hazaribagh:  जिले के कदकमदाग स्थित दामोडीह में एल्युमीनियम फैक्ट्री में हुए विस्फोट मामले में अब साक्ष्य छिपाने की अब कोशिश की जा रही है. विगत 22 सितंबर को कुमार मेटल वर्क्स नामक फैक्ट्री में विस्फोट की घटना में दो मजदूरों की मौत के बाद अब तक फैक्ट्री को सील करने के साथ ही बीते रविवार को संचालक के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया गया था. लेकिन, वर्तमान में हालात यह है कि फैक्ट्री की टूटी हुई दीवार में ईंट की जोड़ाई शुरू हो गई है और मालवा भी हटाना शुरू हो गया है. एक तरफ हजारीबाग पुलिस का दावा, जो कहता है कि फैक्ट्री सील कर दी गई है. दूसरी ओर सिलिंग के बावजूद वहां काम शुरु हो जाना साक्ष्य से छेड़डाड़ की मंशा को साफ तौर पर जाहिर करता है. बताया जाता है कि इसके पीछे कई लोगों का हाथ है. 23 सितंबर को हेडक्वार्टर डीएसपी राजीव कुमार के आदेश पर फैक्ट्री को सील कर दिया गया था. लेकिन, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि फैक्ट्री को सिर्फ कागज पर ही सील किया गया था. क्योंकि, सोमवार को इसी फैक्ट्री में मजदूर ईंटें जोड़ते दिखे. मलबा को भी हटाया जा रहा था. इतना हीं नहीं, फैक्ट्री की गेट भी खुली मिली और कर्मी बेधड़क आते-जाते दिखाई दिए. जबकि, एफएसएल जांच होने तक किसी को भी अंदर प्रवेश पर रोक लगाया गया है. ऐसे में संभावना जताया जा रही है कि विस्फोट को लेकर चोरी-छिपे साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जा रही है. मलबा हटाने के पीछे भी यही उद्देश्य प्रतीत हो रहा है. इसे भी पढ़ें :खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-we-have-to-be-alert-about-constitutional-rights-arjun-munda/">खरसावां

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संचालक से लेकर स्थानीय पुलिस सवालों के घेरे में

कटकमदाग पुलिस और वरीय पदाधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने तक फैक्ट्री में एक भी ईंट नहीं उठाया जा सकता है. परंतु, फैक्ट्री की स्थिति सोमवार को कुछ और ही कहानी बयां कर रही थी. विस्फोट के कारण जो दीवार दरक गई थी, उसे अब बनाया जा रहा है. मजदूर सीमेंट और ईंट से दीवार की मरम्मत करते हुए नजर आ रहे हैं. जो मलबा आसपास बिखरा था, उसे भी हटाया जा रहा है. ऐसे में कई सवाल फैक्ट्री संचालक, विस्फोट की सामग्री और कटकमदाग पुलिस पर खड़े हो रहे हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/09/25rc_m_277_25092023_1-1.jpg"

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कैसे और क्यों काम हो रहा है, होगी जांच : डीएसपी

विस्फोट की घटना में दो मजदूरों की मौत मामले में कटकमदाग थाना में रविवार को फैक्ट्री संचालक अवध कुमार गुप्ता के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. मृतक रंजीत ठाकुर के भाई रंजन ठाकुर के फर्द बयान पर केस दर्ज हुआ है. पूरे मामले में संचालक के भूमिगत हो जाने की बात कही जा रही है. हेडक्वार्टर डीएसपी राजीव कुमार से जब यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर किसके इजाजत से फैक्ट्री में काम करवाया जा रहा है और मालवा हटाया जा रहा है तो इस पर उन्होंने कहा कि मामला की जांच कराते है, सबंधित थाना को इसकी जानकारी दी जा रही है. कैसे काम हो रहा है और क्यों किया जा रहा है, इसकी जांच की जाएगी. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-disabled-womans-house-collapses-in-rain-2-news-including-plea-for-help/">हजारीबाग

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 गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी

बता दें कि अब तक कोई भी पुलिस पदाधिकारी यह कहने की स्थिति में नहीं है कि आखिर इतना भयंकर विस्फोट कैसे हुआ? इस घटना में दो मजदूरों की मौत मौके पर ही हो गई थी. पूरा कारखाना मलबा में तब्दील हो गया था. धमाके की आवाज दो किलोमीटर दूर तक गई थी. हेडक्वार्टर डीएसपी ने भी इसे गंभीर मामला बताते हुई कुछ न कुछ गड़बड़ी की आशंका जताई थी. वहीं, बादल फटने के कारण विस्फोट होने की जो बात संचालक व उसके पुत्र द्वारा अब तक कही जा रही है, वह सही प्रतीत नहीं होती है. [wpse_comments_template]

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