Hazaribagh: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में मत्स्य विज्ञान प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. विश्वविद्यालय परिसर स्थित तालाब में मत्स्य पालन, प्रशिक्षण और मत्स्य विज्ञान में डिप्लोमा के लिए विश्वविद्यालय और एनजीओ शक्ति, रांची के बीच एमओयू साइन किया गया. इसी के तहत तालाब में खाद और चूना डाला गया ताकि पानी को मत्स्य पालन के लिए अनुकूल बनाया जा सके. मौके पर पांच क्विंटल फइनगरलइगस को तालाब में छोड़ा गया. जन्तु विज्ञान के डॉ. केके गुप्ता सह सीसीडीसी ने अनुमान लगाया कि इससे उत्पादकता बढ जायेगी. इस मौके पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, कुल सचिव डॉ. आलम, कुलानुशासक ड. मिथिलेश, वित्त पदाधिकारी डॉ सुरेन्द्र, सीसीडीसी, डॉ. केके गुप्ता सहायक कुल सचिव डॉ. कुमार विकास, जन्तु विज्ञान विभाग अध्यक्ष डॉ. बी के गुप्ता, डॉ. राजेन्द्र, डॉ. मनोज, एनजीओ के निदेशक ड. नीरज बर्मा, अग्रवाल जी, सत्येन्द्र जी मौजूद रहे. छोटी तालाब में मछलियों की तीन प्रजाति, रेही, मिरगल और ग्रास कार्प को छोड़ा गया. आगे बायोफ्लाक ईकाई भी निर्मित किया जायेगा. इसे भी पढ़ें-हेमंत">https://lagatar.in/hemant-soren-was-absconding-for-40-hours-then-on-whom-was-the-state-trusted-pratul-shahdev/">हेमंत
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