Search

हजारीबाग : अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर छात्राओं को किया गया जागरूक

हजारीबाग में है झारखंड का पहला माहवारी स्वच्छता प्रबंधन एमएचएम लैब बिहारी गर्ल्स स्कूल में पेंटिंग और श्लोगन से दिया जा रहा संदेश Hazaribagh : मासिक धर्म का होना कोई अपराध नहीं है और इस दौरान हीन भावना से ग्रसित होने की भी आवश्यकता नहीं है. सदियों से समाज में बैठी हुई भ्रांतियों को मिटाने की जिम्मेदारी आज के युवाओं पर है, ताकि भविष्य सुरक्षित हो सके. माहवारी स्वच्छता से ही कल का भविष्य स्वस्थ और सुरक्षित हो सकता है. इस बात की जानकारी अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर बिहारी बालिका उच्च विद्यालय की प्राचार्या रूपा वर्मा ने दी. इस मौके पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इसका उद्देश्य विद्यालय की छात्राओं को माहवारी स्वच्छ्ता के विषय पर जागरूक करना था. प्राचार्या ने कहा कि सामान्य प्राकृतिक प्रक्रिया पर किसी भी तरह का अंधविश्वास अथवा झिझक रखने की जरूरत नहीं है. उन्होंने इस विषय पर खुल कर बात करने पर बल दिया. उन्होंने बताया कि माहवारी के दौरान स्वच्छ्ता नहीं रखने से महिलाओं में कई तरह की बीमारी और समस्या होने की आशंका बनी रहती है. दुनिया भर में प्रत्येक वर्ष आज ही के दिन मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ्ता के महत्व को लोगों तक पहुंचाने के लिए ही अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छ्ता दिवस मनाया जाता है. झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-news/">झारखंड

की खबरों के लिए यहां क्लिक करें
  गर्मी की छुट्टी होने के बावजूद विद्यालय के आस-पास की वर्ग नवम एवं दशम की छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. प्रधानाध्यापिका रूपा वर्मा ने शिक्षकों एवं छात्राओं को कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद दिया. शिक्षक सादिक हुसैन ने मंच संचालन किया. शिक्षक जीतेन्द्र कुमार, जया कुमारी, रेणु कुमारी, कुमारी विनीता, सोनी कुमारी, लिपिक मुकेश कुमार, आदेशपाल फूलो देवी, मीना देवी और गायत्री देवी भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थीं. [caption id="attachment_651035" align="alignnone" width="1600"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/girls-1_649.jpg"

alt="हजारीबाग : अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर छात्राओं को किया गया जागरूक " width="1600" height="1059" /> हजारीबाग : अंतरराष्ट्रीय माहवारी स्वच्छता दिवस पर छात्राओं को किया गया जागरूक[/caption]

एमएचएम लैब से जागरूक हो रही छात्राएं

बिहारी गर्ल्स स्कूल हजारीबाग झारखंड का पहला स्कूल है, जहां एमएचएम लैब है. यहां छात्राओं को माहवारी के दौरान क्या समस्याएं होती है और उनका समाधान कैसे किया जाए, इस बारे में जानकारी दी जाती है. प्राचार्य रूपा वर्मा ने इस लैब की आधारशिला रखी थी. लैब बनाने में उन्होंने किसी से भी वित्तीय सहायता नहीं ली. अभिभावक, शिक्षक और स्कूल की छात्राओं ने मिलकर इस लैब को बनाया. लैब बनाने में बेड, हॉट बैग, कैटल, पैड बैंक, साबुन बैंक, कंप्लेंट बॉक्स और आइने का उपयोग किया गया है. इसे भी पढ़ें : फार्मासिस्ट">https://lagatar.in/resentment-among-students-for-conducting-pharmacist-exam-in-only-one-center/">फार्मासिस्ट

की परीक्षा सिर्फ एक केंद्र में कराने को लेकर छात्रों में नाराजगी, मेंबर सेक्रेटरी ने पल्ला झाड़ा

दीवारों पर उकेरे गए हैं संदेशपरक पेंटिंग और श्लोगन 

स्कूल की बच्चियों ने तरह-तरह की पेंटिंग और श्लोगन दीवारों पर लगाया है. इसके जरिए यह बताया गया है कि माहवारी कोई अभिशाप नहीं, बल्कि यह एक शारीरिक प्रक्रिया है, जिससे हर महिला को गुजारना पड़ता है. इसे लेकर कई तरह की भ्रांतियां है, वह सिर्फ झूठ और मिथ्या है. माहवारी के दौरान पेट दर्द की समस्या भी झेलनी पड़ती है. ऐसे में लैब में एक बेड लगाया गया है, जिसमें छात्राएं हॉट बैग से अपने पेट को गर्म पानी से सेंक सकती है. बेड बनाने में स्कूल के टूटे हुए बेंच का उपयोग किया गया है. इसे भी पढ़ें : साहिबगंज">https://lagatar.in/sahibganj-two-friends-who-went-to-bathe-in-the-ganga-drowned-one-pulled-out-and-the-other-missing/">साहिबगंज

: गंगा नहाने गए दो दोस्त डूबे,एक को निकाला दूसरा लापता
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp