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हजारीबाग: सरकारी जमीन पर कब्जा, सीओ के आदेश के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं

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Bismay Alankar Hazaribagh: हज़ारीबाग़ में सरकारी भूमि की लूट हो रही है. राजस्व उप निरीक्षक द्वारा उपायुक्त जैसे बड़े अधिकारियों के सिलसिलेवार करवाई के निर्देश के बाद और सीओ के स्पष्ट आदेश के बाद भी एफआईआर तक दर्ज नहीं किया गया है. बता दें कि हज़ारीबाग़ के कटकमदाग प्रखंड के सिरसी खाता नम्बर 251 प्लाट नम्बर 848/849/882 का रकवा-50 एकड़, गैर मजरुआ, खास, जंगल झाड़ी दर्ज है. इस प्लाट में कस्तूरबा आवासीय विद्यालय और कब्रिस्तान भी है. इस सरकारी जमीन पर कुछ लोग कुछ रकवा को अपना बताते हैं. वहीं कई लोग इस जमीन को हुक्मनामे से पाए जाने का दावा करते हैं. दावे की भूमि लगभग 5 एकड़ बताई जा रही है. जिसपर लोग दावा करते हैं. वहीं कब्रिस्तान और कस्तूरबा की जमीन को मिला दें तो लगभग 5 एकड़ पर ये दोनों स्थित हैं. इसे भी पढ़ें- प्रधानमंत्री">https://lagatar.in/pm-modi-said-digital-university-will-end-the-problem-of-lack-of-seats-in-colleges/">प्रधानमंत्री

मोदी ने कहा- डिजिटल यूनिवर्सिटी से कॉलेजों में सीट की कमी की समस्या खत्म हो जायेगी अब इस इलाके के 40 एकड़ जमीन अवैध कब्जे में है. जिसकी जानकारी हज़ारीबाग़ से लेकर रांची तक है. हाल में इस इलाके में सरकार ने यहां बोर्ड लगाया. लेकिन भूमाफियाओं द्वारा उस बोर्ड को हटा दिया गया. इस पूरे भूभाग पर 10 से 15 लोग काबिज हैं. जिनमे बादशाह पासवान, ज्ञानेश्वर राम, दहन राम और सुमित राम जैसे नाम हैं. इस मामले में उप समाहर्ता ने एफआईआर करने का स्पष्ट आदेश दिया है. लेकिन तीन सप्ताह गुजरने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं किया जा सका है. इस मामले में अंचलाधिकारी कटकमदाग शालिनी खलखो ने बताया कि उप समाहर्ता के आदेशानुसार मैंने राजस्व उप निरीक्षक मुकेश रंजन को पत्र लिखा है. लेकिन किन कारणों से अब तक एफआईआर नहीं हुआ है इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है. इसे भी पढ़ें-   24">https://lagatar.in/hearing-in-the-matter-of-footpath-shops-of-morhabadi-closed-for-24-days-in-the-high-court-on-february-22/">24

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