Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

हजारीबाग : घोर अनियमितता : इलाज सदर अस्पताल में और दवा लेने भेज दिया क्लीनिक

Advertisement
Advertisement
  • डोमचांच प्रखंड क्षेत्र की एक गरीब महिला का आयुष्मान भारत योजना के डॉक्टर ने किया था पैर का प्लास्टर
  • गरीब मरीज का भी खून चूस रहे सरकारी अस्पताल के डॉक्टर
  • डीपीसी आयुष्मान ने सदर अस्पताल में ही उपलब्ध कराई दवा
Koderma : सदर अस्पताल में एक गरीब महिला का आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के बाद दवा लेने के लिए मरीज के परिजन को डॉक्टर द्वारा अपने निजी क्लीनिक में भेजने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक, जिले के डोमचांच प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत काराखुट निवासी महेंद्र दास की पत्नी सहोदरी देवी (45) के पैर की हड्डी टूट गई थी. पैर का प्लास्टर कराने वह सदर अस्पताल आई थी. महिला मरीज के पुत्र रवि कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि मेरी मां सीढ़ी चढ़ते समय गिर गई थी, जिससे उनकी पैर की हड्डी टूट गई. तत्पश्चात वह अपनी मां को लेकर डोमचांच स्थित निजी क्लीनिक ले गया. वहां पैसे के आभाव में इलाज कराने में असमर्थ था. इसके बाद शनिवार को मां को लेकर सदर अस्पताल पहुंचा. यहां आयुष्मान भारत योजना के उसकी मां का प्लास्टर डॉ. धनंजय कुमार के द्वारा किया गया. फिर डॉक्टर ने दवाइयां लिखी एवं दवा लेने के लिए अपने निजी क्लीनिक का परचा देकर कहा कि दवा वहीं मिलेगी. जब इस बात की जानकारी आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक सुमित कुमार सिन्हा को मिली, तो उन्होंने मरीज के पुत्र से कहा कि दवा सदर अस्पताल से ही मिलनी है. इसके बाद सहोदरी देवी के पुत्र रवि दास को आयुष्मान सेंटर पर दवा उपलब्ध करा दिया गया. हालांकि, डॉक्टर द्वारा वैसी दवाइयां लिखना, जो उनके निजी क्लीनिक में मिलती है, घाेर अनियमितता को दर्शाता है. इससे प्रतीत होता है कि डॉक्टर को गरीब मरीजों से कोई लेना-देना नहीं, बस उन्हें अपनी दुकानदारी चलानी है.

क्या कहते हैं डीपीसी आयुष्मान

इस मामले को लेकर आयुष्मान भारत योजना के जिला कार्यक्रम समन्वयक सुमित कुमार सिन्हा ने कहा कि डॉक्टर के द्वारा जो दवाइयां लिखी गई थी, उन सभी दवाइयों का सब्सीट्यूट (दूसरी कंपनी की दवा) सदर अस्पताल में मौजूद है. मरीज को सभी दवाइयां उपलब्ध करा दी गई है. ऐसे में अब सवाल उठने लगे हैं कि जिस कंपनी की दवा सदर अस्पताल में मौजूद है, उसे न लिख कर डॉक्टर ऐसी कंपनी की दवा लिखते हैं, जो कि उनकी निजी क्लीनिक के अलावे कहीं और नहीं मिलती है. इस तरह की शिकायत पहली बार नहीं आई है पहले भी ऐसी शिकायत आती रही है. इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/ranchi-youth-tried-to-commit-suicide-outside-cm-residence-crpf-personnel-deployed-in-large-numbers/">रांची

: CM आवास के बाहर युवक ने की आत्मदाह की कोशिश,भारी संख्या में CRPF जवान तैनात
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही