जनजातीय अध्ययन केंद्र एक मील का पत्थर साबित होगा : राज्यपाल
ट्राइबल स्टडी सेंटर का भी किया गया शुभारंभ
Hazaribagh : आज का दिन हजारीबाग के शिक्षा जगत के लिए बेहद खास रहा. झारखंड के राज्यपाल क राधाकृष्णन ने अक्षय पात्र रसोई घर और ट्राइबल स्टडी सेंटर का उद्घाटन किया. अक्षय पात्र रसोईघर हजारीबाग के डेमोटांड़ में 20 एकड़ जमीन में बना है, जहां से मिड डे मील के लिए लाख बच्चों को स्वच्छ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. यह रसोई घर पूरे भारत का सबसे बड़ा अक्षय पात्र का किचन है, तो दूसरी ओर ट्राइबल स्टडी सेंटर विनोबा महाविद्यालय परिसर में बनाया गया है, जहां जनजातीय विषय पर शिक्षा और शोध कार्य होंगे. यह झारखंड का पहला ट्राइबल स्टडी सेंटर है, जो 8 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है. हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा का ड्रीम प्रोजेक्ट साकार हो गया. यहां से जिले के 565 सरकारी विद्यालयों के लगभग एक लाख बच्चों को उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यहां खाना बनाने के लिए सब्ज़ी व राशन क्षेत्र से ही ख़रीदा जायेगा. पौष्टिक खाना खाने से कुपोषण में कमी आएगी और तन-मन सुदृढ़ होगा. उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन ने कहा अक्षय पत्र का रसोईघर हजारीबाग के बच्चों के लिए मील का पत्थर साबित होगा. यहां से पूरे हजारीबाग के बच्चों को मिड डे मील का भोजन उपलब्ध कराया जाएगा. आज के दिन बेहद भावुक पल है. स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन मिलने से बच्चों को सर्वांगीण विकास होगा और उनसे पढ़ाई में मन लगेगा. पहले अपने लक्ष्य को निर्धारित करो और फिर उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयत्न करते रहो. लक्ष्य की प्राप्ति अवश्य होगी. यदि किसी कारणवश असफलता हाथ लगती है तो इससे निराश नहीं होना है. तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उन्होंने कहा कि एक अवसर समाप्त होने के बाद दूसरा अवसर जरूर सामने आता है.2019 में इस योजना को स्वीकृति दी गई थी
रसोई घर दो एकड़ में फैला हुआ है. 2019 में इस योजना को स्वीकृति दी गई थी. योजना के धरातल पर उतरने से जिले के मध्याह्न भोजन योजन में भी क्रांति आएगी. इसका लाभ स्कूली बच्चों को मिलने लगेगा. एमडीएम (मिड डे मील) के माध्यम से स्कूली बच्चों के पोषण सेवन में सुधार पर ध्यान केंद्रित करते हुए सांसद की पहल पर अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से एक अत्याधुनिक केन्द्रीयकृत रसोईघर स्थापित किया गया है.एमडीएम बनाने में फंसे स्कूलों को भी इससे राहत मिल सकेगी. फंड एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से उपलब्ध कराया गया था. 2017 से अक्षय पात्र रसोईघर का निर्माण कार्य शुरू किया गया. जयंत सिन्हा ने भी आज के दिन को ऐतिहासिक बताया है. अक्षय पात्र का यह 69वां रसोई घर है. इसके अलावा देश से बाहर अमेरिका और लंदन में भी रसोई घर बच्चों को भोजन उपलब्ध करा रहा है. पूरे भारत का यह सबसे बड़ा रसोई घर है,जिसमें 23 लाख बच्चों को भोजन कराया जा रहा है.alt="" width="600" height="400" /> वर्तमान में अक्षय पात्र 12 राज्यों में मध्याह्न भोजन बनाने और पहुंचाने का काम कर रही है. इनके रसोईघर में शहरी क्षेत्र के स्कूलों में थर्मों प्लस एसी व्हीकल से भोजन पहुंचाया जाता है. इस वाहन में चार घंटे तक भोजन गर्म रहता है. साथ ही एक कुकर में 1.45 लाख बच्चों के लिए दाल और एक कुकर में ही करीब 800 बच्चों के लिए चावल तैयार किया जा सकता है. संस्था द्वारा कुकर का आकार बच्चों की संख्या के अनुसार तय किया जाता है. अक्षय पात्र योजना की शुरुआत वर्ष 2000 में बेंगलुरु से शुरू की गई थी, जहां पांच स्कूल में 1500 बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जाता था. धीरे-धीरे यह कारवां बढ़ता चला गया और आज 22 लाख बच्चों तक स्वादिष्ट एवं पौष्टिक खाना उपलब्ध कराया जा रहा है. तत्कालीन केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी.
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alt="" width="600" height="400" /> हजारीबाग के लिए खुशी के पल : जयंत सिन्हा
सांसद जयंत सिन्हा ने कहा कि ट्रैवल्स स्टडी सेंटर के निर्माण में कई लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसमें परिमल नाथवानी, विश्वविद्यालय प्रबंधन, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के पदाधिकारी है. झारखंड का बेटा होने के नाते बेहद खुशी का पल है. उन्होंने मंच से पद्मश्री बुलु इमाम से यह मांग की है कि ट्राइबल स्टडी सेंटर में अपना संग्रहालय के अमूल धरोहर को दान दें, ताकि इस केंद्र में एक संग्रहालय बन सके. उन्होंने कहा कि अगर अगला चुनाव में आम जनता का आशीर्वाद मिला तो कई अन्य धरोहर की स्थापना की जाएगी. वहीं उन्होंने विश्वविद्यालय में कैफेटेरिया बनाने पर भी बल दिया. जहां रिसर्चर बैठकर काम कर पाएंगे. हजारीबाग के सदर विधायक मनीष जायसवाल ने भी कहा कि 19 जनवरी 2024 विद्यार्थियों के लिए जाना जाएगा. जहां राज्यपाल ने बड़ी सौगात हजारीबाग वासियों को दिया है. उन्होंने कहा कि संसद ने बहुत विकास के काम किए हैं. अगर व्यक्तिगत रूप से हजारीबाग के निवासी होने के नाते कोई पूछेगा की सबसे बेहतर काम कौन सा है तो जवाब अक्षय पात्र रहेगा. झारखंड विविधता का प्रदेश है. इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/indias-paris-olympics-dream-shattered-lost-to-japan-1-0/">भारतका पेरिस ओलंपिक का सपना टूटा, जापान से 1-0 से हारा [wpse_comments_template]
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