बरसात में 5000 की आबादी रहती है परेशान
केस-1 : जिला मुख्यालय से आठ किलोमीटर दूर सदर प्रखंड स्थित डंडई जाने के दो रास्ते हैं. एक मेरू कैंप होकर और दूसरा एनएच-100 के केसुरा मोड़ से कटकर सड़क जाती है. मेरू कैंप से होकर जानेवाली सड़क काफी खराब है. यह सड़क इचाक होते हुए बरकट्ठा पहुंचती है. इसके बीच डंडईखुर्द, डंडईकला, कारीमाटी, इचाक, भुसाई समेत कई गांव के लोगों का आना-जाना है. डंडई अमनारी पंचायत में करीब 5000 की आबादी है. बरसात में इन गांवों की सड़कों की स्थिति काफी खराब हो जाती है.alt="" width="300" height="225" />
सिर्फ आश्वासन मिला, नहीं बनी सड़क : अजीत सिंह
[caption id="attachment_663988" align="alignleft" width="150"]alt="अजीत सिंह" width="150" height="150" /> अजीत सिंह[/caption] डंडई के अजीत सिंह ने बताया कि मेरु और डंडई जाने की मुख्य सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है. इसकी जानकारी प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक को दी गई. लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला. इस सड़क से प्रत्येक दिन 2000 लोगों का आना-जाना होता है.
पबरा से शहर आने के लिए सात किमी अतिरिक्त तय करनी पड़ती है दूरी
केस-2 : कटकमसांडी के पबरा से बरसात में लोगों को शहर आने के लिए सात किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है. पबरा के रास्ते से नावाडीह, तिलरा, भुसवा, कवातू, रहिया, डुमरौन समेत दर्जनभर गांवों के लोगों का हर दिन शहर आना-जाना है. नेशनल हाइवे-33 पर जब जाम लगता है, तो यही रास्ता वाहनों के लिए वैकल्पिक सड़क है. लेकिन 10 किलोमीटर तक इस सड़क की हालत काफी खराब है. बरसात में इस रोड से आवागमन दूभर हो जाता है.दो घंटे में स्कूटी से तय करते हैं 10 किमी सफर : पंकज कुमार
[caption id="attachment_663981" align="alignleft" width="150"]alt="पंकज कुमार" width="150" height="150" /> पंकज कुमार[/caption] पबरा से हजारीबाग आ रहे ग्रामीण पंकज कुमार कहते हैं कि रिश्तेदार के यहां नावाडीह जल्दी जाना था. घर से स्कूटी लेकर चले. लेकिन छोटा पहिया और सड़क खराब होने के कारण 10 किलोमीटर जाने में दो घंटे लगे. शहर से नजदीक होने के बावजूद ऐसी सड़क पहली बार देखी.
ऑटो से सीमेंट लेकर नहीं जा पाए गांव, मालिक से मिली फटकार : रियाज
[caption id="attachment_663985" align="alignleft" width="150"]alt="रियाज" width="150" height="150" /> रियाज[/caption] मजदूर रियाज ने बताया कि सीमेंट लेकर ऑटो से भुसवा जाना था. लेकिन सड़क की स्थिति इतनी खराब है कि ऑटो खराब हो गई. सीमेंट लेकर गांव नहीं पहुंच पाए, तो मालिक से फटकार सुननी पड़ी. उन्होंने किराया देने से भी मना कर दिया.
निजी खर्च से बनवाई थी सड़क : सरयू राम
[caption id="attachment_663986" align="alignleft" width="150"]alt="सरयू राम" width="150" height="150" /> सरयू राम[/caption] पबरा के पूर्व मुखिया सरयू राम ने कहा कि रामनवमी में निजी खर्च से कुछ दूर तक सड़क की मरम्मत कराई थी. वह सड़क फिर से खराब हो गई. कोई कहता है कि रोड पास हो गया, कोई कहता है अभी समय लगेगा. लेकिन यह रोड अब भी खराब है. बरसात में फिर परेशानी झेलनी होगी.
रात में लोग दुर्घटना के हो जाते हैं शिकार : प्रयाग रजक
[caption id="attachment_663983" align="alignleft" width="150"]alt="प्रयाग रजक" width="150" height="150" /> प्रयाग रजक[/caption] पबरा के प्रयाग रजक ने बताया कि इस रोड में बरसात में इतनी कीचड़ रहती है कि पैदल जाने के लिए जूते खोल देने पड़ते हैं. रात में दुर्घटनाग्रस्त होकर हाथ-पांव की हड्डियां तक टूट चुकी है. इस सड़क पर किसी का ध्यान नहीं है. जबकि इस पथ से पांच गांवों से हर दिन हजारों की आबादी गुजरती है.
ग्रामीणों की गुहार नहीं सुनी जाती : बबलू मेहता
[caption id="attachment_663987" align="alignleft" width="150"]alt="बबलू मेहता" width="150" height="150" /> बबलू मेहता[/caption] इस संबंध में ग्रामीण बबलू मेहता ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने विकास करवाने का दावा किया था. अब सिंगल इंजन की सरकार है और शहर से मात्र पांच किलोमीटर की दूरी की सड़क खराब है. ऐसे में कुछ कहना बेकार है. कई बार जनप्रतिनिधियों को जानकारी दी गई, लेकिन सड़क अब तक नहीं बनी.
तीनों सड़कों की मरम्मत की कर चुके हैं अनुशंसा : मनीष जायसवाल
सदर विधायक मनीष जायसवाल ने कहा कि तीनों सड़कों पबरा, डंडई और गदोखर की अनुशंसा कर चुके हैं. अब इसे मंत्री नहीं बनवा रहे, तो उसमें वह क्या कर सकते हैं. [caption id="attachment_570985" align="alignright" width="150"]alt="विधायक मनीष जायसवाल" width="150" height="150" /> विधायक मनीष जायसवाल[/caption] [wpse_comments_template]
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