प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा Hazaribagh : हजारीबाग में सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई(एमएल) और मासस ने रविवार को संयुक्त रूप से मणिपुर की घटना को लेकर एक प्रतिवाद मार्च निकाला और डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका. वामदलों का मानना है कि मणिपुर की हृदय विदारक घटना के साथ केंद्र सरकार नाइंसाफी कर रही है. जो पहल केंद्र सरकार को करनी चाहिए थी, उसमें वह विफल रही है. मणिपुर की जो खनिज संपदा है, उसको अपने कारपोरेट मित्रों के हवाले करने के लिए मोदी सरकार मणिपुर में अस्थिरता फैला रही है और जानबूझकर उसको भड़का रही है ताकि वहां की खनिज संपदा को आसानी से लूटा जा सके. महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार और नग्न करके घुमाने की घटना न सिर्फ निंदनीय है, बल्कि अमान्य भी है. इसकी नैतिक जिम्मेवारी लेकर देश के गृह मंत्री और मणिपुर के मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए. वहां के मुख्यमंत्री पूरी घटना को नियंत्रण में करने में पूरी तरह से असफल रहे हैं. उन्हें भी इस्तीफा दे देना चाहिए. इसे भी पढ़ें :रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-jmm-mla-sameer-mohanty-put-his-stand-on-the-viral-video/">रांचीः
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प्रतिवाद मार्च में इन्होंने की शिरकत
प्रतिवाद मार्च का नेतृत्व हजारीबाग के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता, पूर्व विधायक राजकुमार यादव, सुरजीत सिन्हा और महेन्द्र पाठक कर रहे थे. इस प्रतिवाद मार्च में गणेश कुमार सीटू, असीम सरकार महेंद्र राम, असीम सरकार, शिव कुमार सिंह, हीरा गोप, सईद अंसारी, ईश्वर महतो, गुलाब साव, निजाम अंसारी, तपेश्वर राम, शक्ति बेतिया, कृष्ण कुमार मेहता, गणेश महतो, नेमन यादव, पूरन महतो, अनिरुद्ध जी, हकीम अंसारी, भूनेश्वर बेदिया, मजीद अंसारी, निर्मल प्रजापति, गुलाम जिलानी, फारूक अंसारी, गणेश महतो, महालाल महतो, कुमुद महतो सहित कई लोगों ने भाग लिया. दूसरी खबरमनरेगा में लापरवाही करने वालों पर गिरी गाज
दैहर के मुखिया, पूर्व मुखिया और मनरेगा कर्मियों से होगी 1.25 लाख रुपए की रिकवरी Chauparan: मनरेगा में लापरवाही बरतने वालों पर प्रशासन ने आर्थिक दंड लगाया है. सभी को मिलाकर एक लाख 25 हजार रुपए जमा करना है. इन लोगों पर मनरेगा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है. आदेश में पत्र प्राप्ति से दो दिन के अंदर प्रखंड नाजिर के पास राशि जमा करने के लिए लिखा गया है. जानकारी हो कि सबसे अधिक मेड़बंदी और जमीन समतलीकरण योजना में रिकवरी देना है. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-tilak-and-azad-remembered-on-birth-anniversary/">धनबाद: जयंती पर याद किये गये तिलक और आज़ाद
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