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हजारीबाग : जयंत सिन्हा के आवास को एमडीएम कर्मियों ने घेरा

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एमडीएम कर्मियों ने निजी कंपनी से भोजन आपूर्ति पर रोक की मांग की सांसद पर लगाया निजी कंपनी को लाभ देने का आरोप Hazaribagh:  झारखंड प्रदश रसोईया संयोजिका संघ के बैनर तले हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा के आवास का मंगलवार को घेराव किया गया. संघ के अध्यक्ष अजीत प्रजापति ने आरोप लगाया कि सांसद जयंत सिन्हा निजी कंपनी को लाभ देने के लिए जिले में मिड डे मील की नयी व्यवस्था लागू कर रहे हैं. इसके लिए 27 करोड़ की लागत से किचन का निर्माण किया गया है. यहां से खाना बना कर 23 विद्यालयों में भोजन दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि पहले स्कूल प्रबंधन के समक्ष भोजन बना कर छात्र-छात्राओं को दिया जाता था. लेकिन, अब एक बंद कमरे में खाना बना कर छात्रों को दिया जा रहा है. भोजन की आपूर्ति के लिए किचन संचालकों द्वारा गाड़ियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें-राज्यपाल">https://lagatar.in/governor-said-i-am-also-associated-with-farming-scientists-should-disseminate-their-research-among-the-farmers/">राज्यपाल

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नयी व्यवस्था से रसोईया संयोजिका के रोजगार पर संकट

संघ ने भोजन की गुणवत्ता सवाल खड़े करते हुए इसका विरोध किया. कहा कि इस नयी व्यवस्था से रसोईया संयोजिका के रोजगार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. अजीत ने कहा कि एक ओर सरकार स्कूलों में चलनेवाले मिड डे मील के लिए समय पर फंड नहीं देती है. अब भी दो महीने का भुगतान बाकी है. दूसरी तरफ निजी कंपनियां को लाभ देने के लिए बंद कमरे में मिड डे मील चलाती है. संघ ने इसका विरोध करते हुए सांसद से ऐसी योजना को बंद करने का आग्रह किया है. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/13-sub-election-officials-transferred-in-jharkhand/">झारखंड

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सरकार व निजी कंपनी की लागत में अंतर : अजीत

अजीत प्रजापति ने बताया कि पारंपरिक विद्यालयों में बननेवाले मिड डे मील और निजी कंपनी द्वारा बनाए जानेवाले मिड डे मील की लागत में काफी अंतर है. सरकार रसोईया संयोजिका को जहां कक्षा एक से पांच तक के बच्चों के लिए 5.45 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक के लिए 8.17 रुपये प्रति छात्र देती है. वहीं, निजी कंपनी द्वारा बनाए जाने वाले भोजन में कक्षा एक से पांच के लिए प्रति छात्र 14.33 रुपये और कक्षा 6 से 8 के लिए 17 रुपये लिया जा रहा है. सरकार द्वारा निजीकरण को बढ़ावा देने का विरोध किया जाएगा. [wpse_comments_template]

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