Hazaribagh: मेरंगढ़ा (बरकट्ठा) के
सैकड़ों मजदूरों ने सोमवार को धरना
दिया. मजदूरों ने बरही रियाडा स्थित राधा गोपाल इस्पात लिमिटेड कंपनी में मृतक मजदूर
मांसु मुर्मू के परिजनों को मुआवजा दिलाने को लेकर बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव के नेतृत्व में धरना दिया. धरणार्थियों ने बताया कि रविवार को कंपनी के सुपरवाइजर छत्रु यादव मृतक मजदूर को उसके घर मेरंगढ़ा से बाइक से ला रहा था. इसी क्रम में कोनरा स्थित कंपनी के समीप एक अज्ञात ट्रेलर की चपेट में आने से उस मजदूर की मौत हो गई. मृतक अत्यंत ही गरीब परिवार का सदस्य था. परिवार में पत्नी सहित तीन बच्चे थे. वह परिवार का एकमात्र कमाऊ सदस्य था. धरने में शामिल लोगों ने परिवार के भरण-पोषण के लिए परिजनों को 10 लाख नकद और रोजगार देने की मांग
की. उनके समर्थन में विधायक ने पहल करते हुए कंपनी प्रबंधन से बात की. मृतक के परिजनों को एक लाख बीस हजार रुपए नकद और परिवार के एक सदस्य को रोजगार देने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त किया. सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से बरही पुलिस की सशस्त्र बल कंपनी तैनात थी. धरना प्रदर्शन में भाग लेने वालों में मुखिया वीरेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र टुड्डू, फागू मुर्मू, बबून मांझी, दशरथ करमाली, कुदुस मियां, शिबू मुर्मू, नरेश पासवान, लोकी करमाली, पचू दास, बबून दास और गाजो टुड्डू सहित कई लोग मौजूद थे. करीब चार से पांच घंटे चले इस धरना में मुआवजा दिलाने में बरकट्ठा विधायक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर भी मौजूद थे. सड़क से सदन तक उठाएंगे आवाज : अमित यादव
विधायक अमित यादव ने कहा कि किसी भी कंपनी को नियमानुसार तय मानक के आधार पर ही चलाया जाना
चाहिए. यदि ऐसा नहीं है, तो मजदूरों को यूनियन बनाकर संवैधानिक तरीके से विरोध करना
चाहिए. वह सदैव मजदूरों के हित में सड़क से सदन तक आवाज उठाने के लिए तैयार
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मजदूरों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के नाम पर उन्हें कोई सुविधा उपलब्ध नहीं
है. मजदूरों का न तो पंजीयन और न ही किसी भी प्रकार का बीमा
है. ईपीएफ भी नहीं कटता
है. वे लोग पूरी तह असुरक्षित
हैं. हादसे के बाद चंद मुआवजे में हम गरीबों की कीमत लगाकर मामले को शांत कर दिया जाता
है. संबधित मामले में कंपनी के मालिक पीके गर्ग से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं
किया. इसे भी पढ़ें– दुमका">https://lagatar.in/dumka-give-ten-crores-to-ankitas-family-hazaribaghs-peace-on-fast-unto-death/">दुमका
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