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हजारीबाग : बेसहारों को मुक्ति दिलाने में जुटा है मुक्ति सेवा संस्थान

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एक साल में 137 मृतकों के शव का मुक्ति सेवा संस्थान ने किया अग्नि संस्कार प्रमोद उपाध्याय Hazaribagh: जिले के खिरगांव मुक्तिधाम मैं पिछले एक साल में 137 बेसहारों का अग्नि संस्कार किया गया. मुक्ति सेवा संस्थान ने इनका अंतिम संस्कार किया. 137 में 78 अज्ञात थे. आठ बिरहोर, 7 नवजात और 44 बेसहारा शामिल थे. यह आंकड़ा सदर अस्पताल का जनवरी 2022 से 5 जनवरी 2023 तक का है. दरअसल यह मामला हजारीबाग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का है. पिछले कई वर्षों से हजारीबाग मुक्ति सेवा संस्थान की आठ सदस्य टीम समाज सेवा कर रही है. यह संस्थान अज्ञात, बिरहोर परिवार, नवजात और निर्धन परिवार के लिए काम करती है. अंतिम संस्कार के बाद अस्थि को भी संस्थान के द्वारा सुरक्षित स्थानों पर रखा जाता है. कई ऐसे मामले आते हैं जिसे अज्ञात समझकर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया. लेकिन फिर जब परिजन को जानकारी मिलती है तो कई दिनों के बाद क्रिया कर्म के लिए अस्थि लेने के लिए मुक्ति सेवा संस्थान के पास आते हैं. इसे भी पढ़ें-बिहारः">https://lagatar.in/bihar-manish-kashyap-got-support-from-bjp-manoj-tiwari-came-to-meet-him/">बिहारः

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संस्थान अस्थि रखता है सुरक्षित

उन्हें संस्थान की ओर से अस्थि दिया जाता है और फिर वह अपने घर ले जाकर अस्थि को बनारस ले जाते हैं. फिर क्रिया कर्म करते हैं. इस संबंध में सचिव नीरज कुमार ने बताया कि यह पिछले कई सालों से सदर अस्पताल में सेवा दे रहे हैं. कई अज्ञात एवं बेसहारा व्यक्तियों की मदद करते आ रहे हैं. पार्थिव शरीर को खुद अग्नि संस्कार भी विधिवत करते हैं और परिजन आने का इंतजार करते हैं. यहां तक कि सड़क दुर्घटना या किसी अन्य कारणों से अज्ञात की मौत होने के बाद तीन दिनों तक मृतक के शरीर को सुरक्षित रखा जाता है. परिजन जब नहीं आते हैं तो उनका अंतिम संस्कार विधिवत खिरगांव मुक्तिधाम में किया जाता है.

“अंतिम यात्रा में शामिल होना पुण्य का काम”

उन्होंने यह भी कहा कि धन तो हर व्यक्ति कमाता है. धन की जरूरत भी है लेकिन अंतिम यात्रा में शामिल होना और अग्नि संस्कार करना हरेक लोगों के नसीब में नहीं होता. यह सबसे बड़ा पुण्य का काम है. जीवित में तो हर लोग जरूरत के अनुसार सहयोग करता है लेकिन मौत होने के बाद अपने भी दूर भाग जाते हैं. यह सच है कि जीवित में तो हर लोग कई तरह का सपना सजा कर रखता है लेकिन मृत्यु होने के बाद सब कुछ छोड़ जाता है. मौत सच्चाई है. इसमें ना कोई बचा है और ना ही कोई बच पायेगा. उन्होंने अपनी टीम को भी बधाई दी. कहा कि अगर टीम का सहयोग न मिले तो यह नेक काम संभव नहीं हो पाएगा. इसे भी पढ़ें-लैंड">https://lagatar.in/land-scam-vishnu-aggarwals-bail-hearing-completed-verdict-reserved/">लैंड

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मुक्ति सेवा संस्थान को विधायक भी दे रहे सहायता

इधर सदर विधायक मनीष जायसवाल भी मुक्ति सेवा संस्थान को सहायता करते हैं. उन्होंने अंतिम यात्रा के लिए एक एंबुलेंस भी दे रखा है. पूर्व में भी वह एक एंबुलेंस मुक्ति धाम को दिया था. इस संबंध में विधायक ने बताया कि मुक्ति सेवा संस्थान में अंतिम यात्रा के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता थी. इसे पूरा किया गया. [wpse_comments_template]

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