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हजारीबाग: स्कूलों में तड़ित चालक लगाने में लापरवाही, खतरे में बच्चे

Hazaribagh: जिले के करीब 1500 स्कूलों के बच्चों की जान इस मौसम में खतरे में है. न सिर्फ नौनिहाल, बल्कि शिक्षक और अन्य स्टाफ भी महफूज नहीं हैं. अभी बारिश के मौसम में हर वक्त यह भय सताता रहता है कि न जाने कब आसमानी बिजली की चपेट में आ जाएं. ऐसी कई घटनाएं अक्सर सुनने को भी मिलती रही हैं. इस खतरे से बचाव के लिए वर्ष 2008-09 में सरकार ने झारखंड शिक्षा परियोजना के माध्यम से स्कूलों में तड़ित चालक लगवाया था. उस वक्त भी जिले के सभी विद्यालयों में तड़ित चालक नहीं लग पाए थे. महज एक तिहाई विद्यालयों में आसमानी बिजली के कहर से बचाव के उपाय किए जा सके थे. झारखंड शिक्षा परियोजना के इंजीनियर नरेंद्र कुमार ने बताया कि जितने भी नए विद्यालय भवन बने थे, उनमें तड़ित चालक लगाए गए थे. करीब 500 स्कूलों में बरसाती कहर से बचाव के उपाय किए गए थे.

जिले में 1471 प्रारंभिक स्कूल हैं

बता दें कि जिलेभर में 1471 प्रारंभिक स्कूल हैं. वहीं 119 हाईस्कूल हैं. वर्तमान में महज 10% स्कूलों में ही तड़ित चालक देखने को मिलते हैं. दरअसल देखरेख और सुरक्षा के अभाव में कई तड़ित चालक चोरी हो गए, वहीं कई सड़ गए. हालांकि इसका पुख्ता आंकड़ा तो विभाग के पास भी नहीं है. लेकिन जो आंकड़े सामने आए हैं, वह स्कूलों में तड़ित चालक की बदहाली की ओर ही इशारा करता है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी 

डिप्टी डीएसई नंदकिशोर शर्मा कहते हैं कि इस बारे में डीसी ने जानकारी मांगी है. सीएसआर या अन्य फंड से स्कूलों में तड़ित चालक लगाने की बात कही जा रही है. डीसी के आदेश के बाद विभाग आंकड़ा जुटाने में लगा है कि कितने स्कूलों में तड़ित चालक सही काम कर रहा है और कितने स्कूलों में नहीं हैं. डीसी नैंसी सहाय की पहल से स्कूलों में फिर से तड़ित चालक लग गया, तो नि:संदेह बच्चों, शिक्षकों और अन्य कर्मियों पर मंडरा रहा वज्रपात का खतरा दूर हो जाएगा. इसे भी पढ़ें- भाजपा">https://lagatar.in/bjp-released-old-video-of-mamta-partha-chatterjee-and-arpita-mukherjee-asked-what-is-this-relationship-called/">भाजपा

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