राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के लिए टास्क फोर्स गठित
Barhi: सरकार की ओर से निर्धारित 20 अप्रैल को कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रखंड सभागार में डीएस डॉ प्रकाश ज्ञानी ने बीएलटीएफ की बैठक आयोजित की. जो बीडीओ सी आर इंदीवर की अध्यक्षता और बीपीएम नारायण राम के संचालन में संपन्न हुआ. जिसमें सीडीपीओ नीलू कुमारी, एलएस कुमार निभा, सुनीता कुमारी, शिक्षक संजय कुमार दुबे, गणेश कुमार दास, मथुरा प्रसाद, दुलमहा पंचायत सेवक मनोज कुमार यादव, समाजसेवी असलम अली, रामचंद्र टुड्डू, नवल किशोर सिंह, एसएसएच एचएम सुधांशु कुमार सिन्हा और एमपीडब्ल्यू संतोष कुमार शामिल हुए. बीडीओ ने उपस्थित सभी लोगों से कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने की अपील की. डीएस ने बताया गया कि इस बार 1 से 19 वर्ष के लिए कुल 99306 और बफर के 9931 लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं, जिसमें कुल 109236 अल्बेंडाजोल की मांग की गई है. उस तिथि को बरही और पदमा के सभी आंगनबाड़ी और विद्यालयों में दवाइयां उपलब्ध होंगी. सभी को हैंडवाश के साथ दवा खिलानी है. गंदगी के कारण एनीमिया भी हो सकती है. बताया गया कि दो साल से पहले के बच्चों को आधी गोलियां चूर कर एवं दो वर्ष से ऊपर वाले को एक गोली चबाकर खिलानी है. दवा का कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है, फिर भी किसी भी प्रकार की समस्या होने पर मेडिकल टीम तत्काल मदद करेगी. ---------प्रदेश में राज्य सरकार का चलता है कानून : अश्विनी उपाध्याय
alt="" width="1586" height="1126" /> Hazaribag : नव झारखंड फाउंडेशन की ओर से हजारीबाग भवानी प्लाजा में शनिवार को राम राज्य एवं भारतीय संविधान विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इसमें मुख्य वक्ता के रूप में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने को लेकर उन्होंने पूरे देश भर में अभियान छेड़ रखा है. उन्होंने भ्रष्टाचार और धर्म परिवर्तन समेत कई मुद्दों पर अपनी बातें रखीं. उन्होंने कहा कि भारत में कानून का राज नहीं है, बल्कि राज्य सरकार का राज है.तभी तो सरकार बदल जाने के बाद पुलिस की भूमिका भी बदल जाती है. इसका जीता जागता उदाहरण उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है. सरकारें बदलीं, तो अपराधियों का एनकाउंटर हो रहा है.अपराधी गिरफ्तार हो रहे हैं, यही नहीं अवैध निर्माण पर बुलडोजर भी चल रहा है. लेकिन यह सिलसिला पिछली सरकारों में नहीं था. इससे स्पष्ट हो जाता है कि प्रदेश में राज्य सरकार का कानून चलता है. वहीं उन्होंने कहा कि घुसपैठ बंद होनी चाहिए. पुलिस मेन्युअल 1861 को बदलना होगा. तभी पुलिसिंग का अच्छा चेहरा सामने दिखेगा. वर्तमान में पुलिसिंग ब्रिटिश जमाने की है. इस कारण जुल्म और जोर-जबरस्ती देखने को मिलती है. उन्होंने कहा कि झारखंड में भी घुसपैठ हो रही है और धर्मांतरण भी चरम सीमा पर है. लेकिन किसी ने सोचा कि सिर्फ भारत में ही धर्मांतरण क्यों होता है. चूंकि आईपीसी के अंतर्गत धर्मांतरण को लेकर कोई ठोस और कड़ा कानून नहीं है. उन्होंने कहा कि विदेशियों ने 50 हजार करोड़ रुपए भारत में सिर्फ धर्मांतरण पर खर्च किया है. ऐसे में प्रतीत होता है कि धर्मांतरण अपना पैर फैलाता जा रहा है. वहीं उन्होंने राजनेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह वोट बैंक के लिए समाज को कई वर्गों में बांट रहे हैं. समाज में परिवर्तन शिक्षा व्यवस्था में संस्कार डालने से हो सकता है. दूसरा भय के कारण भी सिस्टम सुधर सकता है. उन्होंने कहा कि आमलोगों को कम से कम साल में एक बार सांसद और विधायक से मुलाकात करनी चाहिए और उनसे कहना चाहिए कि आप देश के लिए अच्छा कानून बनाएं. [wpse_comments_template]

Leave a Comment