Ichaak/Hazaribagh: जिले के इचाक प्रखंड के बोंगा गांव में नकली डीएपी खाद का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर भारी मात्रा में नकली खाद बरामद की है. मौके से सरकारी अनुदानित डीएपी खाद के कई खाली बोरे भी मिले हैं, जिनमें कथित तौर पर नकली खाद भरकर बेचने की तैयारी की जा रही थी.
जानकारी के अनुसार, बोंगा गांव के एक घर से भारी मात्रा में बोरे में भरी ऐसी खाद मिली, जिस पर किसी प्रकार का ब्रांड या कंपनी का नाम अंकित नहीं था. आरोप है कि इस खाद को किसानों को सरकार द्वारा अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जाने वाले डीएपी खाद के खाली बोरों में भरा जा रहा था. मौके से सरकारी डीएपी खाद के कई खाली बोरे बरामद होने के बाद पुलिस को आशंका है कि नकली खाद को असली बताकर बाजार में खपाने की तैयारी की जा रही थी.
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बताया जा रहा है कि जिस घर से यह संदिग्ध खाद बरामद हुई है, वहां रहने वाले लोगों का संबंध इचाक प्रखंड में संचालित खाद-बीज की दुकान से भी है. हालांकि, इस पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी.
सब्सिडी वाले डीएपी की कमी का उठाया जा रहा था फायदा?
जानकारी के अनुसार, डीएपी खाद की मूल कीमत करीब 2,989 रुपये 30 पैसे प्रति बोरी बताई गई है. केंद्र सरकार द्वारा इसमें 1,639 रुपये 30 पैसे की सब्सिडी दी जाती है, जिसके बाद किसानों को डीएपी करीब 1,350 रुपये प्रति बोरी की दर पर उपलब्ध कराया जाता है. सब्सिडी के कारण डीएपी की मांग अधिक रहती है और कई बार किसानों को इसकी उपलब्धता को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है.
इसी कमी और मांग का फायदा उठाकर कथित तौर पर नकली खाद तैयार कर उसे सरकारी डीएपी के बोरे में भरकर बाजार में बेचने की तैयारी किए जाने की आशंका जताई जा रही है.
डायल-100 की सूचना पर पहुंची पुलिस
बताया गया कि मामले की सूचना इचाक थाना पुलिस को डायल-100 के माध्यम से मिली. सूचना मिलते ही इचाक थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित घर में छापेमारी की. तलाशी के दौरान संदिग्ध खाद के अलावा सरकारी डीएपी खाद के कई खाली बोरे और पैकेट बरामद किए गए.
मौके से घास एवं खरपतवार नष्ट करने में इस्तेमाल होने वाली दवा भी बरामद होने की बात सामने आई है. यह दवा असली है या नकली, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
एक व्यक्ति हिरासत में
पुलिस ने मौके से पंकज कुमार नामक एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि कोई अन्य व्यक्ति उसे खाद और अन्य सामग्री उपलब्ध कराता है तथा वह उसे पैक करके वापस कर देता है. सामान कहां से आता है और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं, इस संबंध में पुलिस पूछताछ कर रही है.
पंकज कुमार ने कथित तौर पर अपने बड़े भाई का भी जिक्र किया है और बताया कि खाद-बीज से संबंधित कारोबार में उसका बड़ा भाई भी शामिल है तथा इचाक बाजार में उसकी बीज भंडार की दुकान है. पुलिस इस बयान की भी जांच कर रही है.
BTM ने नकली खाद और खाली बोरों को किया सील
इचाक प्रखंड के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM) पुष्पा कुमारी बीडीओ, इचाक के निर्देश पर मौके पर पहुंचीं. उन्होंने वहां उपलब्ध संदिग्ध खाद, खाली पैकेट और अन्य सामग्री को सील कराया. बरामद खाद के नमूने जांच के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है. पुलिस और कृषि विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बरामद खाद वास्तव में नकली है या नहीं और इसे तैयार करने तथा सरकारी खाद के नाम पर बाजार में खपाने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं.
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