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हजारीबाग : प्रशासन की कार्रवाई पर लोग उठा रहे सवाल

सफेदपोश और दबंगों की जमीन पर क्यों नहीं चला बुलडोजर दोहरी नीति अपनाने का लगाया जा रहा आरोप Hazaribagh : कटकमदाग के सिरसी इलाके में 50 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद जिला प्रशासन जहां अपनी पीठ थपथपा रहा है, तो दूसरी ओर इस पूरी कार्रवाई पर कई लोग सवाल खड़े कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि इस पूरे ऑपरेशन में जहां लगभग 1600 फीट लंबी बाउंड्री गिरा दी गई. उसी स्थल पर कई ऐसे प्लॉट हैं, जिसकी न तो दीवार तोड़ी गई और न ही कार्रवाई की गई. ऐसे में यह कहा जा रहा है कि दोहरी नीति नहीं अपनायी जानी चाहिए. राजेश साव, मुकेश साव और प्रणय जायसवाल पिता : प्रमोद जायसवाल के अर्धनिर्मित कंस्ट्रक्शन के साथ प्रशासन ने हमदर्दी दिखाई. वहीं ‘शुभम संदेश’ के दफ्तर पहुंचकर इंदर गोप ने कई सवाल खड़ा किए.

प्रशासन जिस जमीन का म्यूटेशन और रसीद काट रहा, बाद में उसी का बाउंड्री गिरा रहा

एक एकड़ जमीन का एग्रीमेंट लेने वाले इंदर गोप का कहना है कि 2014 तक रसीद काटा गया. वहीं कई ऐसे प्लॉट हैं, जिसका हाल तक म्यूटेशन किया गया है और फिर 2022-23 तक रसीद भी काट दिया गया. प्रशासन एक ओर म्यूटेशन और रसीद काट रहा है, वहीं दूसरी ओर बुलडोजर लाकर सरकारी जमीन का हवाला देते हुए बाउंड्री वॉल तोड़ रहा है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-bjp-people-counted-achievements-of-9-years-of-central-government/">आदित्यपुर

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प्रशासन पर आरोप है कि गैरमजरूआ खास जमीन को सरकारी कहकर तोड़ दिया

इंदर गोप का कहना है कि उन्होंने पूनम शाहबादी जो जुगल जायसवाल की बेटी हैं उनसे एक एकड़ जमीन एग्रीमेंट पर लिया. इसके एवज में बड़ी रकम भी दी गई. प्रशासन ने गैरमजरूआ खास जमीन को सरकारी कहकर तोड़ दिया. पूनम शहवादी की मां कमला देवी के नाम पर जमीन थी. उनका यह भी कहना है युगल जायसवाल के बड़े बेटे प्रमोद जायसवाल ने हजारीबाग सदर विधायक मनीष जायसवाल को 3 एकड़ 23 डिसमिल जमीन बेचा है. उस जमीन पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं की गई, क्योंकि वे सफेदपोश हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/gggg-2-1.jpg"

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प्रशासन की नीयत पर सवाल खड़ा किया

इंदर गोप का कहना है कि लक्ष्मी गृह प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मनीष जायसवाल ने एक करोड़ 30 लाख 3650 रुपए का डीड कराया. लेकिन उनकी जमीन पर प्रशासन का बुलडोजर नहीं चला. ऐसे कहीं न कहीं प्रशासन की दोहरी नीयत दिख रही है. मामला प्लॉट संख्या 882 का है. युगल जायसवाल जो विधायक मनीष जायसवाल के पिता ब्रजकिशोर जायसवाल के भाई हैं. उनके ही बेटे और बेटी ने दो डीड किया. एक डीड पर कार्रवाई की गई और दूसरे डीड पर मौन धारण कर लिया गया है. ऐसे में प्रशासन की नीयत साफ नहीं दिख रही है.

गाढ़ी कमाई से कराई रजिस्ट्री, अब कैसे लौटेगा पैसा

प्रशासन ने प्लॉट नंबर 882 में 19 एकड़ 20 डिसमिल जमीन के कई हिस्से को अतिक्रमण मुक्त कराया है. इनमें से कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई से छोटे-छोटे प्लॉट की रजिस्ट्री कराई है. ऐसे में अब वे भारी मुसीबत में है कि उनका पैसा कैसे लौटेगा. इसे भी पढ़ें :बेरमो">https://lagatar.in/bermo-bharat-bandh-on-june-15-against-kurmis-st-status-adivasi-sengel-campaign/">बेरमो

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मनोज कुमार की भी है अपनी पीड़ा, टूट गया अपना घर का सपना

इसी में एक हैं मनोज कुमार जिनकी मां के नाम पर 2010 में दो कट्ठा जमीन डीड कराया गया और उनकी जमीन भी सरकारी जमीन कह कर अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. उनका भी कहना है कि 2014 तक उन लोगों ने रसीद कटाया. दो साल तक जमीन पर बुलडोजर चलवाया और जमीन समतलीकरण किया गया. लेकिन किसी भी पदाधिकारी ने आकर जांच तक नहीं की. इस बार की कार्रवाई से उन लोगों की गाढ़ी कमाई डूब चुकी है. ऐसे में वे लोग क्या करें. उनका यह भी कहना है कि अंचल कार्यालय में जाकर प्रतिबंधित सूची की भी जांच की गई थी. उसमें भी जमीन नहीं थी. लेकिन अब उस जमीन को सरकारी कहा जा रहा है. उन लोगों को नोटिस भी नहीं दिया गया है. ऐसे में वे लोग जो अपना घर का सपना देख रहे थे, वह पूरा नहीं होगा. इसका कारण यहां के पदाधिकारी और बड़े-बड़े भू-माफिया हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/gggg-3-1.jpg"

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बड़ा सवाल : तब क्यों नहीं की गई कार्रवाई

प्रशासन ने सिरसी में सरकारी जमीन का हवाला देते उसे अतिक्रमण मुक्त कराया. न जाने कितने लोगों ने गाढ़ी कमाई से उस जमीन को खरीदी. अब उनका क्या होगा. साथ ही यह भी सवाल है कि कैसे जमीन का म्यूटेशन किया गया और रसीद काटा गया. कैसे जमीन की रजिस्ट्री की गई. इसके जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए.

डाक्यूमेंट्स के आधार पर की गई कार्रवाई : अपर समाहर्ता

इस पूरी कार्रवाई पर अपर समाहर्ता राकेश रोशन ने कहा कि डाक्यूमेंट्स के आधार पर कार्रवाई की गई है. किसी व्यक्ति ने कैसे जमीन ली, म्यूटेशन कैसे हुआ, रसीद कैसे काटा जा रहा है, यह सब जांच का विषय है. लेकिन यह जमीन सरकारी है और उस जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है. भविष्य में भी अगर कोई व्यक्ति वहां अतिक्रमण करेगा, तो उस पर प्राथमिकी की जाएगी. [wpse_comments_template]

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