Hazaribagh: मुहर्रम की सातवीं पर शहर के विभिन्न इमामबाड़ों में अमन, भाईचारगी और सद्भाव की दुआएं की गईं. यह जानकारी शांति समिति के सदस्य सह राजद जिलाध्यक्ष व समाजसेवी संजर मलिक ने दी. वहीं शहीदे कर्बला हसन-हुसैन की शहादत को अकीदतमंदों ने याद किया. संजर ने कहा कि हसन-हुसैन की याद में निशान उठाने की सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी कायम है. कहा कि यह रिवाज सदैव कायम रहेगा, चूंकि मैदान-ए-करबला में नवासे हजरत मुहम्मद रसूल पाक के घराने के लोगों को धोखे से नमाल असर सजदे सर यजीद ने शहीद कर तो दिया, लेकिन इस भरी दुनिया में उन जालिमों का कोई नाम लेवा नहीं रहा. इमामे करीमैयन की कुर्बानी ने सारे आलम में इस्लाम को जिंदा कर दिया. गम के माह से नए साल की शुरुआत हर जानिब अकीदत से उनके चाहने वाले मनाते हैं. इस मौके पर मंडई कर्बला में लोगों का आवागमन होता रहा. सभी अकीदमंद इस कर्बला में जियारत को गए. इसे भी पढ़ें- झामुमो">https://lagatar.in/jmm-mla-lobin-formed-jharkhand-bachao-morcha/">झामुमो
विधायक लोबिन ने बनाया “झारखंड बचाओ मोर्चा” राजद के जिला अध्यक्ष सह शांति समिति सदस्य व सामाजिक कार्यकर्ता संजर मलिक को खादिमों ने सिर पर पगड़ी बांध कर हौसला अफजाई की. संजर मलिक ने कहा कि यह त्योहार ही नहीं, बल्कि तमाम आलम के लिए सीख देता है कि चाहे बलिदान जैसा भी हो, वो मरता नहीं अमर हो जाता है. संजर मलिक ने निशान उठा कर सड़कों पर मुहर्रमी धुन के साथ लोगों के संग निशान नारे लगाते भ्रमण किये. इसे भी पढ़ें- मोदी">https://lagatar.in/jdu-will-not-be-included-in-modi-cabinet-decision-on-rejection-of-demand-for-two-ministerial-posts/">मोदी
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हजारीबाग: मुहर्रम की सातवीं पर लोगों ने दिया अमन का संदेश

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