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हजारीबाग : गिरफ्त में आये वांटेड मंजर खान के 20 साल का आपराधिक इतिहास खंगाल रही पुलिस

चौपारण के सियारकोनी बंगला में बिहार के तीन लोगों की कर दी थी हत्या, आधा दर्जन लोग हुए थे घायल गुर्गों के सहारे गौ-तस्करी समेत कई संगीन वारदात को दे चुका है अंजाम Hazaribagh : तीन राज्यों का मोस्ट वांटेड मंजर खान की गिरफ्तारी के बाद अब हजारीबाग पुलिस उसके 20 साल के आपराधिक इतिहास को खंगालने में जुटी है. छानबीन में यह स्पष्ट हो रहा है कि मंजर खान कुख्यात अपराधियों में से एक था. वर्ष 2001 में चौपारण थाना क्षेत्र के सियारकोनी बंगला में बहुत चर्चित हत्याकांड को उसने अंजाम दिया था. इस घटना को मंजर खान ने अपने आठ साथियों की मदद से अंजाम दिया था. घटना में बिहार के तीन लोगों की हत्या कर दी गई थी और आधा दर्जन से अधिक लोगों को गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-prime-minister-will-inaugurate-hurl-fertilizer-factory-md-visits/">धनबाद:

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तिहरा हत्याकांड हुआ था चर्चित

वर्ष 2001 में जब माओवादियों का वर्चस्व था, उस वक्त यह हत्याकांड चौपारण थाना क्षेत्र का सर्वाधिक चर्चित वारदात रहा था. घटना को अंजाम देने वालों में मंजर के अलावा गया शेरघाटी के रईस खान, बाबू खान, इद्रीश खान, शहबान खान, हारून खान, नकीब खान, लईक खान व सफीक खान ने दिया था. चौपारण थाना कांड संख्या 26/2001 के तहत उक्त आरोपितों के मामला दर्ज किया गया था. दर्ज मामले में आरोपितों के खिलाफ चौपारण पुलिस ने भादवि के धारा 147, 148, 149, 323, 325, 332, 307, 452, 353, 427, 506, 504, 379, 302 व आर्म्स एक्ट लगाया गया. दर्ज प्राथमिकी में घटनास्थल सियारकोनी बंगला बताया गया, जिसके तत्कालीन आईओ एएसआई राजबली शर्मा थे. इसे भी पढ़ें :रांची">https://lagatar.in/ranchi-unusable-poles-and-traffic-posts-will-be-removed-from-the-square-intersections-to-get-rid-of-the-jam/">रांची

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बंगला पर कब्जा को लेकर हुआ हत्याकांड

सियारकोनी बंगला के मैनेजर अनिल कुमार पांडेय के फर्द बयान पर थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया था. दो गुटों के वर्चस्व एवं बंगला पर कब्जा जमाने को लेकर यह हत्याकांड किया गया था. उसके बाद मंजर खान पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया और हजारीबाग शहर में जगह बदल बदलकर किराये के मकान मे रहने लगा. फिर हजारीबाग में बैठकर अपने गुर्गों के सहारे जीटी रोड में गो-तस्करी, अफीम-चरस तस्करी, हत्या, हथियार तस्करी, डकैती, रंगदारी, लोडिंग वाहनों को अगवा व अपहरण, जमीनी लूटपाट व ब्राउन सुगर कारोबार जैसे संगीन वारदात को अंजाम देने लगा. मंजर पर बरही, चौपारण, बाराचट्टी, डोभी, शेरघाटी, आमस थाना क्षेत्र में विभिन्न संगीन कांड दर्ज हैं. आर्म्स एक्ट मामले मे वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है. इसके पूर्व मंजर खान खैर की लकड़ी तस्करी मामले में गिरिडीह जेल में दो वर्ष व अफीम कत्था तस्करी मामले में बनारस जेल में दस वर्ष की सजा काट चुका है. मंजर खान सात वर्षों से जिस बोलेरो का इस्तेमाल कर रहा है, वह बोलेरो धनबाद के किसी और व्यक्ति के नाम से है. बताया जाता है क वह बोलेरो चोरी का है. [wpse_comments_template]

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