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हजारीबाग : नशे और जुए के खिलाफ इचाक में जनाक्रोश, सड़कों पर ग्रामीण का उग्र प्रदर्शन

Hazaribagh : जिले के इचाक प्रखंड में रविवार को नशे की बढ़ती तस्करी और जुए के अड्डों के विरोध में स्वतःस्फूर्त बंद का व्यापक असर देखने को मिला.

स्थानीय सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों के आह्वान पर इचाक बाजार समेत प्रखंड के करीब 100 गांवों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे.

 
सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और जगह-जगह टायर जलाकर विरोध जताया.

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. बंदी के कारण क्षेत्र में जनजीवन प्रभावित रहा और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा.

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का कहना है कि इचाक में नशा अब महामारी का रूप ले चुका है. लेकिन प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है. 

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युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद

प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता ने मीडिया से बात करते कहा कि क्षेत्र में ब्राउन शुगर, ड्रग्स और प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की तस्करी धड़ल्ले से हो रही है. गांव के युवा नशे की गिरफ्त में आकर अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं. नशाखोरी के कारण अपराध और जुए की प्रवृत्ति भी बढ़ी है, जिससे सामाजिक ताना-बाना बिखर रहा है.


पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल

आंदोलनकारियों ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हाल ही में इचाक थाना के एक निजी ड्राइवर की नशे के कारोबार में संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तारी हुई थी, जिससे यह संदेह और गहरा गया है कि कुछ पुलिसकर्मी नशे के सौदागरों को संरक्षण दे रहे हैं. इसी कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं.


लोगों ने मांग की है कि पूरे इचाक प्रखंड में विशेष अभियान चलाकर नशा तस्करों को गिरफ्तार किया जाए और जुए के सभी अड्डों को तत्काल बंद कराया जाए. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा.

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