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हजारीबाग : नल जल योजना पर उठ रहे सवाल

एक बोरिंग से 25 घरों में देना था पानी, साढे़ पांच लाख की योजना की पांच साल की थी गारंटी Ranjana Kumari Hazaribagh: नल जल योजना इन दिनों सुर्खियों में है. गांव से लेकर शहर तक इसकी खूब चर्चा हो रही है. कहीं नल नहीं तो कहीं जल नहीं, लेकिन योजना पास हो गई और ठेकेदार फरार हो गये. कहीं ठेकेदार पर आरोप लग रहा है, तो कहीं अधिकारियों को भ्रष्टाचारी बताया जा रहा है. जिले के इचाक प्रखंड के डुमरौन और नावाडीह में लगभग तीन वर्षों से नल जल योजना पर काम ठेकेदार कर रहे हैं, लेकिन वह आज तक आधा अधूरा है, जबकि यहां जनसंख्या के हिसाब से जलमीनार देना था. योजना की पांच साल की गारंटी भी ठेकेदार को देनी है, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी कई पंचायतों में आज भी योजना आधी-अधूरी हैं. हालांकि ये सब कागज पर चालू है. यहां तक कि पांच साल की गारंटी में बिना पानी दिए हुए अधिकारियों के कागज पर दो साल पूरा भी हो चुके हैं. बताते चलें कि इचाक प्रखंड के कई पंचायतों में नल जल योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल रहा है और विभाग ने बिना बनाए हुए कई योजनाओं को कागज पर पास कर दिया है. अधिकारी नावाडीह और डुमरौ पंचायत में 114 जलमीनार बनकर तैयार होने का दावा कर रहे हैं और उनके मुताबिक इन दोनों पंचायतों में 80 पर्सेंट जल मीनार चालू हैं. सच्चाई यह है कि इन दोनों पंचायत में 40 परसेंट जलमीनार भी चालू नहीं हैं और न ही 114 जल मीनार बनाए गए हैं. अगर 40 परसेंट जलमीनर चालू भी हैं तो इनमें सस्ती फाइबर नल और पाइप लगाया गया है जो छूते ही टूट जाता है. यहां तक कि टॉवर भी मानदंडों का पाल किये बिना खड़ा कर दिया गया. ऐसे में कभी भी बड़ी घटना भी हो सकती है, क्योंकि 20-25 फीट का टॉवर खड़ा है और एंगल कम है. इसी प्रकार सोलर प्लेट भी लगाए गए थे जो हल्की हवा में उड़ चुके हैं. इसे भी पढ़ें-लातेहार">https://lagatar.in/latehar-allegation-of-obstructing-road-construction-work-complaint-to-dc/">लातेहार

: सड़क निर्माण कार्य में बाधा पहुंचाने का आरोप, डीसी से शिकायत
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क्या कहते हैं ग्रामीण

वहीं ग्रामीण परमेश्वर ठाकुर, भीम कुमार, महेश राम, मनोज राम, रंजीत शर्मा, राकेश कुमार, दिनेश मेहता, राजेंद्र मेहता का कहना है कि अधिकारी अपने ऑफिस में ही बैठकर जायजा लेते हैं. उन्हें स्थल पर आकर निरीक्षण करना चाहिए. उन्हें यह नहीं पता है कि पंचायत में कितने जलमीनर चालू हैं और कितने बंद हैं. यह पूरा कमीशन का खेल है. ठेकेदार और अधिकारी की मिलीभगत से आम लोग परेशान हैं. सरकार अपने मिशन में कामयाब नहीं हो पा रही है. अधिकारी और ठेकेदार की मिलीभगत ग्रामीण के कारण शौचालय का लाभ भी आम लोगों को नहीं मिला. इसमें भ्रष्टाचार का पर्दाफाश भी हुआ था जिसमें कई अधिकारी और जलसहिया पर मामला दर्ज भी हुआ है. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-jmm-candidate-sameer-mahanti-filed-nomination/">जमशेदपुर

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क्या कहते हैं प्रखंड सहायक अभियंता

इस संबंध में पेयजल विभाग के इचाक प्रखंड सहायक अभियंता चंद्रिका ने पूछे जाने पर बताया कि नावाडीह और डुमरौन पंचायत में 114 जलमीनर बनाये गये हैं. इनमें 89 चालू हैं. अगर कहीं का जलमीनार चालू नहीं है तो उसको जल्द बना दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जब से पानी दिया जाएगा उस वक्त से गारंटी चालू होगी. [wpse_comments_template]

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