जामा मस्जिद रोड से निकलती है 110 झांकियां शहर के बीचोंबीच स्थित श्री राम जानकी मंदिर से 157 साल पहले हुई थी शुरुआत Pramod Upadhyay Hazaribagh: शहर में अंग्रेजों के समय से रामनवमी का त्योहार मनाया जा रहा है. शहर के बीचोंबीच 1870 में श्री राम जानकी मंदिर बनाया गया था. रामनवमी की शुरुआत इसी मंदिर से हुई थी, जिसमें महंत रामदुलार दास के नेतृत्व में चार अखाड़े से एक अध्यक्ष पद के लिए गोसाई साहू मनोनीत किए गए थे. इसमें बड़ा बाजार, कुमारटोली, बटन बाजार एवं एकपटिया मोहल्ले से झंडा निकाला गया था. बड़ा अखाड़ा में चार अखाड़े के लोगों द्वारा धनिया का चूर्ण और अरारोट का पकवान बनाकर श्री राम जानकी मंदिर में भोग लगाया गया था. जामा मस्जिद होते हुए बजरंगबली का झंडा लेकर झांकियां निकाली गई थीं. उस वक्त से आज तक रामनवमी मनाई जा रही है, जिसकी पहचान इंटरनेशनल हो चुकी है. अब धीरे-धीरे 110 अखाड़े भी हो चुके हैं और सभी झांकियां जामा मस्जिद रोड होते हुए बस स्टैंड से गुजरती हैं. बता दें कि हजारीबाग की इंटरनेशनल रामनवमी की तैयारी अखाड़े के लोग दो माह पहले से करने लगते हैं. वहीं जिला प्रशासन भी शांतिपूर्ण आयोजन के लिए तैयारी जोर-शोर से करते हैं. इसे भी पढ़ें-शुभम">https://lagatar.in/shubham-sandesh-impact-lottery-worth-one-crore-recovered-in-dhanbad/">शुभम
संदेश इंपैक्ट : धनबाद में एक करोड़ की लॉटरी बरामद
करती रही है तुष्टीकरण की राजनीति- बाबूलाल
https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/04/08rc_m_116_08042024_1-1.jpg"
alt="" width="600" height="400" />
संदेश इंपैक्ट : धनबाद में एक करोड़ की लॉटरी बरामद
दोनों समुदाय के लोग होते थे शामिल
इस संबंध में बड़ा अखाड़ा के महंत विजयानंद दास ने बताया कि 157 साल से हजारीबाग में रामनवमी मनाई जा रही है. उस वक्त चार अखाड़े के लोग रहते थे. ढोल नगाड़े के साथ झंडा लेकर जामा मस्जिद रोड से गुजरते थे. उस वक्त दोनों समुदाय के लोग आयोजन में शामिल होते थे. शहर की जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ती गई और अखाड़ा भी बढ़ता गया. 20 साल पहले ढोल नगाड़ा और ताशे पर कम खर्च आता था. अब महंगाई बढ़ गई है तो लोग डीजे को पसंद करने लगे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि रामनवमी की झांकी शहर के आसपास के गांव से भी आती है. यहां लाखों की संख्या में लोग रामनवमी की झांकी देखने के लिए शहर आते हैं. अब तो देश-विदेश और दूसरे राज्य से भी लोग इसमें शामिल होने लगे हैं. इसे भी पढ़ें-कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-kept-doing-appeasement-politics-babulal/">कांग्रेसकरती रही है तुष्टीकरण की राजनीति- बाबूलाल
alt="" width="600" height="400" />
Leave a Comment