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हजारीबाग : राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने किया बैठक का बहिष्कार, जानिये क्यों…

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  • समय पर अधिकारियों के नहीं पहुंचने का आरोप
  • विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए बुलाई गई थी मीटिंग
  • भारत सरकार की ओर से चल रही थी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, इसलिए हुई देरी : एसडीओ
Hazaribagh : हजारीबाग के विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने जिला प्रशासन की ओर बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के लिए बुलाई गई बैठक का बहिष्कार कर दिया. समय पर अधिकारियों के न पहुंचने का आरोप लगाया. साथ ही आगे से ऐसा होने पर निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों को पत्र लिखने की बात की. इस संबंध में प्रेस बयान जारी कर नेताओं ने बताया कि 11 बजे बैठक बुलाई गई थी. बैठक में कांग्रेस के निसार खान, सीपीआईएम के गणेश कुमार सीटू, भाजपा के नंदलाल प्रसाद मेहता, राजद के हिरामन यादव उर्फ चरका यादव, आम आदमी पार्टी के राजीव वर्मा और देव चौहान, झारखंड मुक्ति मोर्चा के निसार अहमद, झारखंड पीपुल्स पार्टी के प्रवीण मेहता, नन्दलाल साव आदि पहुंचे थे. मगर पदाधिकारियों के पास समय नहीं था. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-said-it-is-the-responsibility-of-the-government-to-run-the-parliament-no-agreement-on-discussion-on-manipur-inflation-adani/">कांग्रेस

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इस बारे में सीपीएम नेता गणेश कुमार वर्मा उर्फ सीटू ने बताया कि पूर्वाह्न 11:45 बजे सदर एसडीओ ने सभा कक्ष में आकर राजनीतिक दलों के लोगों एवं उपस्थित विभिन्न प्रखंडों के पदाधिकारियों को बताया कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह हजारीबाग डीसी को अचानक दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने का आदेश आया है. यह बहुत ही जरूरी है, इसलिए यह बैठक अभी नहीं हो कर अपराह्न दो बजे होगी. राजनीतिक दलों के लोगों ने अपनी सहमति जताते हुए कहा कि वे लोग दो बजे आ जाएंगे. राजनीतिक दलों के लोग दोपहर दो बजे सभाकक्ष में पहुंचे. वहां जिले के सभी प्रखंड के अधिकारी भी उपस्थित थे. राजनीतिक दलों के लोगों ने बताया कि दोपहर 2:41 बजे तक निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी सभाकक्ष में नहीं आईं और न ही किसी अधिकारी की ओर से किसी प्रकार की सूचना दी गई. इससे क्षुब्ध होकर राजनीतिक दल के प्रतिनिधि बैठक को छोड़कर सभा कक्ष से बाहर निकल आए. उनलोगों का कहना था कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी व्यस्त थीं, तो बैठक कोई भी अधिकारी आरंभ करवा सकते थे. जिला निर्वाचन पदाधिकारी को जब समय मिलता तो वह आ जातीं. पदाधिकारियों के इस व्यवहार पर राजनीतिक दलों के लोगों ने नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने कहा है कि दोबारा ऐसा होने पर निर्वाचन आयोग के पदाधिकारियों को पत्र लिखा जाएगा. इस संबंध में सदर एसडीओ विद्याभूषण ने कहा कि भारत सरकार की ओर से बेहद महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग हो रही थी. उसके बाद भी डीसी करीब 2:40 बजे आ गई थीं. इससे पहले ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि बैठक से जा चुके थे. इसे भी पढ़ें : बांग्लादेशी">https://lagatar.in/bangladeshi-infiltration-case-governments-reply-in-hc-more-than-100-madrassas-in-pakur-a-case-of-conversion-came-in-2023/">बांग्लादेशी

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