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हजारीबाग : स्पैष्टिक स्कूल को तीन साल से फंड नसीब नहीं

कमेटी और समाज के सहयोग से 25 बच्चों का हो रहा लालन-पालन काम छोड़कर जा रहे शिक्षक और कर्मचारी अब राशन देने से कतरा रहे दुकानदार, विभाग पर 30 लाख का उधार Pramod Upadhyay Hazaribagh : मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए हजारीबाग में संचालित एकमात्र स्पैष्टिक स्कूल समाज के भरोसे चल रहा है. पिछले तीन वर्षों से स्कूल को फूटी कौड़ी भी फंड नसीब नहीं हुआ है. शिक्षक और कर्मचारी स्कूल छोड़कर जा रहे हैं. दुकानदारों ने भी उधार राशन देने से हाथ खड़े कर दिए हैं. महिला बाल विकास और सामाजिक सुरक्षा विभाग के अधीन यह स्कूल पिछले दो दशक से सामाजिक समस्या निवारण एवं कल्याण संस्था की ओर से चल रहा है. विभाग पर संस्था का करीब 30 लाख रुपए का बकाया है. फंड के अभाव में काफी मुश्किल हालात से गुजरना पड़ रहा है. वर्ष 2000 में इस केंद्र का शुभारंभ शहर के मटवारी पूर्वी क्षेत्र में राय विशुन कुमार राय उर्फ लल्लू बाबू ने शुरू किया था. उनके निधन पर यह केंद्र अब हुरहुरू में उनके पुत्र मनीष कुमार सिन्हा की देखरेख में संचालित है. इसे भी पढ़ें :झारखंड">https://lagatar.in/jdu-in-search-of-political-land-in-jharkhand/">झारखंड

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बच्चों के साथ मनाते हैं पार्टी, कमेटी भी करती है मदद

संस्था के सचिव मनीष कुमार सिन्हा बताते हैं कि अक्सर शहर के कई लोग जन्मदिन, शादी की सालगिरह आदि की पार्टी मनाने के लिए अक्सर यहां आते हैं. ऐसे लोग बच्चों के साथ पार्टी मनाते हैं, तो कई शहरवासी समय-समय पर अनाज आदि से सहयोग करते हैं, तो उनके खान-पान का प्रबंध हो जाता है. वहीं पांच सदस्यीय कमेटी के लोग आर्थिक सहायता करते हैं. कमेटी में उनके अलावा अध्यक्ष और पांच सदस्य हैं. सचिव कहते हैं कि इन बच्चों को छोड़ भी तो नहीं सकते. हजारीबाग, चतरा, गिरिडीह, रामगढ़ के अलावा बाल कल्याण समिति के बच्चे यहां रहकर पढ़ते हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/05/ppp-2-3.jpg"

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शिक्षकों और कर्मचारियों को भी करना पड़ रहा आर्थिक तंगी का सामना

कभी इस स्कूल में स्वीपर, कुकर समेत दर्जनभर कर्मचारी यहां कार्यरत थे. वहीं पांच शिक्षक भी बच्चों को पढ़ाते थे. आर्थिक तंगी के कारण आज स्कूल में महज दो शिक्षक और पांच कर्मचारी ही बचे हैं. इसे भी पढ़ें :सिमडेगा">https://lagatar.in/simdega-the-accused-arrested-for-molesting-and-assaulting-a-minor/">सिमडेगा

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विभाग को लगातार भेजा जा रहा फंड के लिए प्रस्ताव : इंदु प्रभा

समाज कल्याण पदाधिकारी इंदु प्रभा ने पूछे जाने पर कहा कि विभाग को लगातार फंड के लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है. सरकार से फंड आते ही स्कूल को दिया जाएगा. वर्ष 2019 से 2022 तक के लिए फंड का प्रस्ताव भेजा गया है. अन्य कई सामाजिक संस्थाओं के लिए भी फंड नहीं आए हैं. ओल्ड एज होम के लिए फंड आया है. [wpse_comments_template]

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