महंगी गैस गरीब परिवारों के बस की बात नहीं
हजारीबाग के झील परिसर में लगभग 1 दर्जन से अधिक पेड़ गिरा है. नूरा मोहल्ला के गरीब परिवार के लोग लकड़ी जमा करके अपने घर ले जा रहे. बुधनी देवी कहती हैं कि लकड़ी हम लोगों के जलावन के लिए है. जब उनसे पूछा गया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से आप लोगों को गैस सिलेंडर और चूल्हा मिला है तो आखिर लकड़ी से खाना क्यों बनाते हैं तो उनका कहना है कि 1000 रुपया खर्चा करके गैस सिलेंडर लेना हम लोगों के बस का नहीं है. इसलिए हम लोग लकड़ी या फिर कोयला पर ही खाना बनाते हैं.तूफान ने हम लोगों के लिए जलावन की व्यवस्था कर दिया है.alt="" width="600" height="300" /> इसे भी पढ़ें :रांची">https://lagatar.in/ranchi-police-got-success-two-arrested-with-20-stolen-bikes/">रांची
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"6 महीने तक जलावन की व्यवस्था कर लेंगे”
वहीं कोर्रा के राजू तिर्की कहते हैं कि 3 दिन से शहर में बिजली नहीं है. तूफान में हर इलाके में पेड़ गिरे हैं. हम लोग पेड़ तो नहीं बल्कि टहनी तोड़ के ले जा रहे हैं. इसे सुखाया जाएगा 6 महीने तक लकड़ी से खाना बना पाएंगे. क्योंकि गैस सिलेंडर बार-बार भराना हम लोगों के लिए संभव नहीं है ₹1000 अगर हम लोग गैस सिलेंडर में खर्चा करें. अब तो कुदरत ने जो कहर बरपाया है उस लकड़ी से वे लोग 6 महीने तक जलावन की व्यवस्था कर लेंगे. इसे भी पढ़ें :चंदवा">https://lagatar.in/chandwa-allegations-of-scam-in-the-compensation-of-trees-rait-said-officials-are-not-showing-the-documents/">चंदवा: पेड़ों के मुआवजे में घपले का आरोप, रैयत बोले- दस्तावेज नहीं दिखा रहे अधिकारी
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