alt="" width="600" height="400" /> टेंडर कॉपी[/caption] इस टेंडर में जो महत्वपूर्ण बात है, वह यह है कि इसमें संबंधित आपूर्तिकर्ता को 145 किताबों की जो सूची सौंपी जाएगी, उसके दो सेट टेंडर के समय जमा करना है. लेकिन टेंडर संबंधी नोटिस में केवल किताबों और लेखक के नाम ही दिए गए हैं. इसमें न तो प्रकाशक का नाम है और न ही आईएसबीएन नंबर है. ऐसे में केवल लेखकों के नाम से किताबों को खोजना किसी भी व्यक्ति या फर्म के लिए असंभव कार्य होगा. ऐसे में यह निविदा वही भर पाएंगे, जिनके पास आईएसबीएन और प्रकाशक के नाम वाली सूची होगी. इसे भी पढ़ें- बोले">https://lagatar.in/said-rahul-here-is-the-police-rule-modi-ji-is-the-king-congress-mps-in-police-custody-churned-with-rahul-on-gst-inflation/">बोले
राहुल, यहां पुलिस का राज है, मोदी जी राजा हैं, पुलिस हिरासत में कांग्रेस सांसदों ने राहुल संग जीएसटी, महंगाई पर मंथन किया आशंका व्यक्त की जा रही है कि ऐसा किसी विशेष को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है. उन्हें इन किताबों के आईएसबीएन नंबर और प्रकाशक की सूची पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, ताकि वैसे ही लोग इस टेंडर को भर सकें. पुस्तकों की सूची जिले की वेबसाइट hazaribag.nic.in पर देखी जा सकती है. वहां पर अपलोड पीडीएफ में पुस्तकों के नाम तो हैं, साथ ही लेखक के नाम भी हैं. लेकिन न तो आईएसबीएन नंबर है और न ही प्रकाशक के नाम. इस मामले में डीसी नैंसी सहाय ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच कराई की जा रही है. अगर ऐसी बातें सामने आयी हैं, तो री-टेंडर किया जाएगा. पूरी योजना की अनुमानित राशि 1.20 करोड़ है. इसे भी पढ़ें- नेशनल">https://lagatar.in/national-herald-case-even-today-ed-will-interrogate-sonia-gandhi-50-questions-were-asked-in-6-hours-on-tuesday/">नेशनल
हेराल्ड केस :आज भी ईडी सोनिया गांधी से करेगी पूछताछ, मंगलवार को 6 घंटे में 50 सवाल पूछे गये थे [wpse_comments_template]

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