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हजारीबाग: आंगनबाड़ी केंद्रों का हाल बेहाल, कहीं लटके हैं ताले कहीं अपना भवन ही नहीं

Pramod Upadhyay  Hazaribagh: बच्चों को पोषाहार और शिक्षा देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गये हैं. लेकिन इसकी स्थिति ठीक नहीं है. इससे जो फायदा बच्चों को मिलना चाहिए वह नहीं मिल पा रहा है. इचाक प्रखंड में कहीं आधा-अधूरा, तो कहीं किराए के मकान में आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं. प्रखंड में 86 मॉडल समेत 156 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इनमें अधिकांश में अक्सर ताला लटका रहता है. इसकी देखरेख करनेवाला कोई नहीं है. कोई घर में आंगनबाड़ी केंद्र चला रहा है, तो कोई भाड़े के मकान में. बताया जाता है कि चार पर्यवेक्षक के जिम्मे इन आंगनबाड़ी केंद्रों की देखरेख की जाती है. आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को भी उनके हाल पर छोड़ दिया गया है. उनकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है. https://lagatar.in/">

style="color: #0000ff;">लगातार
मीडिया की टीम वास्तविक स्थिति जानने के लिए दौरे पर निकली और आंगनबाड़ी केद्रों का जायजा लिया. इचाक के भुसवा स्थित बिरहोर कॉलोनी में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के आधे-अधूरे भवन पर बच्चे खेलते दिखे. कई बिरहोर बच्चे नवनिर्माणाधीन भवन के छज्जे पर लटकते दिखे. ऐसे में कोई बड़ा हादसा हो जाए, इससे इनकार नहीं किया जा सकता. बच्चों की न तो समय पर पढ़ाई होती है और न ही उन्हें पोषाहार मिलता है. आंगनबाड़ी सेविका अपनी राशन दुकान चला रही थीं. पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी अपने घर में ही चलाते हैं. आज बच्चे नहीं आए, तो केंद्र संचालित नहीं हो पाया. उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए पोषाहार, जूते, यूनिफॉर्म, बैग, बेंच-डेस्क और कुर्सियां समेत सभी संसाधन दिए गए हैं. लेकिन भवन पूरा नहीं होने के कारण सभी सामान उनके घर में रखे हुए हैं. विभाग की ओर से उसे बांटने का आदेश नहीं है. ऐसे में सामानों को चूहे कुतर रहे हैं. सुरक्षित रखना भी मुश्किल हो गया है. वहीं इचाक के डुमरौन स्थित पासवान मोहल्ले में वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र किराए पर चल रहा है. वहां की सेविका कविता मेहता ने बताया कि मूसलाधार बारिश की वजह से शनिवार को बच्चे नहीं आए हैं. आंगनबाड़ी केंद्र उनके घर में ही किराए पर चलता है. केंद्र का अपना भवन नहीं है. बच्चों के लिए पोषाहार छोड़कर कोई सामान नहीं मिला है. बच्चों के आने पर केंद्र खुलेगा और उन्हें पोषाहार दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें- लातेहार:">https://lagatar.in/latehar-hemant-soren-will-visit-tutuapani-on-august-26-cm-will-be-greeted-by-citizens/">लातेहार:

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क्या कहती हैं पर्यवेक्षिका 

पर्यवेक्षिका अनीशा कहती हैं कि इचाक में 156 आंगनबाड़ी केंद्र हैं. इसमें हर दिन दो केंद्रों का निरीक्षण उनके जिम्मे है. उन्होंने शनिवार को इचाक मोड़ के पास दो केंद्रों का निरीक्षण किया. दोनों केंद्र खुले मिले. बच्चों के लिए पोषाहार में चना, उबाला हुआ आलू, गुड़-बादाम और सूजी का हलवा देने का प्रावधान है. भोजन में दाल, भात और सब्जी दी जाती है. लेकिन कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में बर्तन उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चों को रेडिमेड पोषाहार दिया जाता है. कई आंगनबाड़ी केंद्रों के अपने भवन के लिए भूमि की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग और जूते नहीं दिए गए हैं. प्रखंड में 86 मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र चल रहे हैं. इसे भी पढ़ें- CBI">https://lagatar.in/cbi-hands-over-documents-to-ed-sisodia-will-be-booked-in-money-laundering-case-kejriwal-said-every-morning-starts-the-game-of-cbi-ed/">CBI

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