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हजारीबाग : शिक्षिका को स्पष्टीकरण तक नहीं, सीधे कर दिया निलंबित

 
25 दिनों में 8 से अधिक शिक्षकों को किया निलंबित Hazaribagh: पोशाक वितरण में अनियमितता मामले में पिछले चार माह से विवादों के घेरे में चल रहे जिला शिक्षा अधीक्षक और उनके कार्यालय की ओर ये हर दिन मनमानी की बात सामने रही है. शिक्षा विभाग में हालात कुछ इस प्रकार बन गए हैं कि जिला शिक्षा अधीक्षक, शिक्षकों को स्पष्टीकरण पूछना भी मुनासिब नहीं समझ रहे हैं और निलंबन की चिट्ठी धड़ाधड़ निकल जा रहे हैं. 25 दिनों में 8 से अधिक शिक्षकों को निलंबित किया गया है. बरकट्ठा से ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक महिला शिक्षिका को जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा बिना कारण पूछे सीधे निलंबित कर दिया गया. पिछले तीन माह से शिक्षा विभाग में अजब गजब खेल जारी है. नियमों को ताक पर रख कर शिक्षकों के सेवा के साथ मजाक किया जा रहा है. दरअसल, मध्य विद्यालय बरकट्ठा की सहायक शिक्षिका साइना चक्रवर्ती पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी ने लापरवाही और मनमानी का आरोप लगा कर जिला शिक्षा अधीक्षक को प्रतिवेदन दिया था. इस विषय पर ना तो प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी और न ही जिला शिक्षा अधीक्षक ने शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगना उचित समझा और सीधे निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया. इसे भी पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-protest-against-excessive-fee-collection-in-shalimar-market/">रांचीः

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डीएसई व उनके कार्यालय पर मनमानी का आरोप

निलंबन के बाद शिक्षिका को ना ही निलंबन की जानकारी दी गई और ना ही व्हाट्सएप पर कोई सूचना दी गई. जिस तरह नियमों-परिनियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है, यह अपने आप में कई सवाल खड़े करता है. जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा शिक्षकों को निलंबित करना मानो चुटकी का खेल बन चुका है. इधर लगातार निलंबन से विद्यालयों में भी पठन-पाठन व्यवस्था गड़बड़ाने लगी है. विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने के कारण कार्यरत शिक्षक को आकस्मिक अवकाश भी लेने में परेशानी हो रही है. वहीं वर्ग व्यवस्था, गुरु गोष्ठी और विभागीय बैठकों में भी उपस्थित होने में समस्या आ रही है. रोज-रोज के निलंबन और अनावश्यक दबाव से शिक्षक परेशान हैं. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/02/20rc_m_68_20022024_1-लललल-1.jpg"

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कौन दे रहा सलाह, मौन साधे हैं अधिकारी

जिला शिक्षा अधीक्षक संतोष गुप्ता की मनमानी जगजाहिर है. इनके कारण कई बार उपायुक्त को भी बीच-बचाव करना पड़ा है. बावजूद इसके जिले के शिक्षा विभाग के पदाधिकारी मौन हैं. शिक्षकों की समस्यायों पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं. बाध्य होकर शिक्षक संगठन अब विभाग के उच्च पदाधिकारियों तक गुहार लगाने का मन बना रहे हैं. कई शिक्षक संगठन के प्रतिनिधि शिक्षकों के साथ हो रही ज्यादती को जमकर सामना करने के लिए संघर्ष भी कर रहे हैं. उनका मानना है कि अति का अंत अवश्य होता है. शिक्षकों की गरिमा को धूमिल करने वाले पदाधिकारी के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा और पीड़ित शिक्षकों को न्याय दिलाया जाएगा. इसे भी पढ़ें-केंद्रीय">https://lagatar.in/bjp-mla-meets-union-minister-gets-assurance-regarding-rejuvenation-of-hec/">केंद्रीय

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एक साल में सात बार किया गया डेपुटेशन

पीड़ित शिक्षिका साइना चक्रवर्ती ने बताया कि उन्हें विभिन्न माध्यमों से प्रताड़ित किया जा रहा है. इसका उदाहरण कि एक साल में सात बार विभिन्न विद्यालयों में उनकी प्रतिनियुक्ति की गई है. जब इतने से भी इनका मन नहीं भरा, तो उनकी रामनवमी ड्यूटी गोरहर थाना के नक्सली क्षेत्र में लगा दी गई, जबकि महिला शिक्षकों को ऐसी ड्यूटी नहीं मिलती है. उन्होंने यह भी कहा कि वह प्रखंड की एकमात्र महिला शिक्षिका हैं, जिसे रामनवमी ड्यूटी के लिए बाध्य किया गया. आगे कहा कि निलंबन को लेकर मुझे किसी प्रकार का कोई शो-कॉज नहीं किया गया और ना ही मुझे किसी प्रकार का कोई चिट्ठी दी गई है. ऐसे में मानसिक रूप से प्रताड़ित हो चुकी हूं और सदमे में हूं.

शिक्षिका साइना चक्रवर्ती ड्यूटी को लेकर लापरवाह  : बीईईओ

वहीं बरकट्ठा प्रखंड के बीईईओ किशोर सिन्हा ने कहा कि निलंबन के कारण की चिट्ठी डाक के माध्यम से भेजी गई है, जो कि शिक्षिका साइना चक्रवर्ती लेना ही नहीं चाहती हैं. वह अपनी ड्यूटी को लेकर लापरवाह रही हैं. इसी के आधार पर उन्हें निलंबित किया गया है. - [wpse_comments_template]
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