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हजारीबागः जिले में 78 करोड़ की थी योजना, पांच करोड़ ही खर्च हुआ

HAZARIBAG: गांवों को स्वच्छ रखने के लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत राज्य में कई तरह की योजना चल रही है. स्वच्छ भारत मिशन में फेज-दो के तहत पंसोखा निर्माण योजना वर्ष 2019 में शुरु किया गया था. कोरोना के कारण योजना शुरु नहीं हो सकी. वर्ष 2022 में योजना के तहत काम शुरु किया गया. गाजे-बाजे व जोर शोर से योजना की शुरुआत की गई. अब यह योजना ठंडा बसके में दब गई है. देश के तमाम जिलों की तरह हजारीबाग में भी योजना की शुरुआत हुई. गांव को स्वच्छ बनाने के लिए पंसोखा योजना की शुरुआत की गई. योजना का काम वर्ष 2025 में समाप्त करना है. गांवों में वैसी जगह, जहां चापाकल के पास पानी जमता होता है, वहां 9000 रुपये की लागत से पंसोखा बनाया जाना था. ताकि पानी की वजह से गंदगी ना फैले. पानी से जमीन का वाटर रीचार्ज भी हो.
  • हजारीबाग में पनसोखा योजना का हाल
  • 2019 में हुई थी योजना पास कोविद के बाद किया गया शुरुआत 5 करोड़ का हो चुका है भुगतान
जानकारी के मुताबिक हजारीबाग जिले में कुल 78 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई थी. योजना शुरु हुए दो साल बीत गए हैं, लेकिन पांच प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हुआ है. अब तक सिर्फ पांच करोड़ रुपये ही खर्च किया जा सका है. इस राशि से कितना पंसोखा बना, किसी के पास कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है. काम बीच में ही रुक गया है. इस संबंध में जल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता मनोज कुमार मुंडारी से बात की. उन्होंने बताया कि ऐसी योजना की मुझे जानकारी नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि यह योजना हो सकता है किसी अन्य विभाग की हो सकती है. हमारे विभाग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत कई योजना चल रही है, जिसमें गांव को स्वच्छ बनाना है.

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