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17 जलमीनार और सौ से अधिक चापाकलों में अधिकांश बेकार
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alt="" width="300" height="135" /> चोरदाहा पंचायत के विभिन्न गांवों में नल जल योजना से 17 जलमीनार तथा सौ से अधिक चापाकल हैं. लेकिन इनमें अधिकांश खराब हैं और जो ठीक भी हैं, तो उनमें पानी की धार नहीं के बराबर निकल रही है. चोरदाहा के अंबेडकर नगर में वर्ष 2020 में पीएचईडी से बनी जलमीनार बंद है. कई बार इसकी शिकायत विभाग से की गई. चोरदाहा में पांच, दनुआ, केंदुवाई और नावाडीह में दो-दो तथा अहरी, मूर्तिया, मोरनिया व महानेटांड़ में एक-एक जलमीनार जो वर्षों से बंद है.
लोग नदी-नाले का पी रहे गंदा पानी, भटक रहे मवेशी
जंगली इलाके के ग्रामीण नदी-नाले का गंदा पानी पीने को विवश हैं. पशुओं को भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है. जंगली जानवर पानी की तलाश में भटक कर गांव पहुंच रहे हैं. जंगलों में वन विभाग की ओर से लगाया गया चापाकल बंद है और नदी-नाले सूख गए हैं. ढोढ़ीया, मोरनिया, गरमोरवा और कविलास गांव के ग्रामीण तीन से पांच किमी दूर से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं.नल-जल योजना से लोगों को लाभ नहीं : राजकुमार यादव
भाजपा नेता राजकुमार यादव कहते हैं कि चोरदाहा पंचायत में पेयजल योजना के नाम पर राशि की लूट हुई है. ग्रामीण क्षेत्रों में नल-जल योजना से लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है. लाखों खर्च के बाद भी ग्रामीणों के घरों तक एक बूंद पानी नहीं पहुंचा. जंगल-पठार के बीच बसे लोग पीने की पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं.शिकायत के बाद भी कोई पहल नहीं : मुखिया
मुखिया अर्चना हेमरॉन ने बताया कि चोरदाहा पंचायत में लगभग 17 जलमीनार लगे हैं. तीन-चार को छोड़ कर लगभग सभी की हालत खराब है. चोरदाहा में पांच, दनुआ, नावाडीह, सिलोदर और केंदुआही में दो-दो, अहरी, सांझा, मूर्तिया और मोरनिया में एक-एक जलमीनार है. पीएचईडी से लगाई गई पुरनी अहरी और महानेटांड़ की जलमीनार अधूरी है. रविदास टोला और तुरिया टोला की जलमीनार बंद है. शिकायत के बावजूद कोई पहल नहीं की गई है. इसे भी पढ़ें : फैमिली">https://lagatar.in/72-cases-of-family-dispute-came-in-the-family-court-in-four-months-21-families-resettled/">फैमिलीकोर्ट में चार माह में पारिवारिक विवाद के आए 72 मामले, 21 परिवारों का फिर से बसा घर [wpse_comments_template]

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