Hazaribagh : हजारीबाग में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाया गया. राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डेंगू-चिकनगुनिया आदि की रोकथाम के लिए जुलाई से नवंबर तक घर-घर सर्वे अभियान चलाया जायेगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से हजारीबाग नगर निगम के सभी 36 वार्ड के सुपरवाइजर, शहरी मलेरिया योजना के निरीक्षक व क्षेत्रीय कार्यकर्ता, सामुदायिक स्वयंसेवक, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक आदि को प्रशिक्षण दिया गया. बैठक में जिला वीबीडी पदाधिकारी ने सभी प्रशिक्षुओं को यह जानकारी दी कि डेंगू-चिकनगुनिया से बचाव के लिए घर-घर जाकर सर्वे कार्य किया जाना है. यह अभियान जुलाई से नवंबर तक चलाया जाएगा. सिविल सर्जन डॉ एसपी सिंह ने बताया कि डेंगू-चिकनगुनिया एक प्रकार के परजीवी के कारण होता है, जो हमारे शरीर में खास प्रकार के मच्छरों के काटने से प्रवेश करता है. मॉनसून के समय जमा होने वाले पानी में जैसे गड्ढे, पानी की टंकी, फ्रीज, कूलर आदि में जमा पानी इनके प्रजनन स्थल हैं. इसलिए इनके प्रजनन को नियंत्रित करने के लिए प्रजनन स्थलों को नष्ट किया जाना जरुरी है. इसीलिए इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक साल डेंगू- चिकनगुनिया खोज अभियान चलाया जाता है. इसमे नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत सभी शहरी इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे व लावनाशी छिड़काव कार्य कराया जाता है. इसके बचाव व नियंत्रण के लिए विविध गतिविधियों का आयोजन कर जन-समुदाय को जागरूक किया जाता है. प्रशिक्षण में जिला आरसीएच पदाधिकारी, मैमूर सुलतान, महेन्द्र पाल, फैयाज आलम, रामाशंकर जायसवाल एवं अन्य कार्यालय कर्मी उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें: सिदगोड़ा">https://lagatar.in/sidgoda-youth-committed-suicide-by-hanging/">सिदगोड़ा
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हजारीबाग: डेंगू-चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए लगा प्रशिक्षण शिविर
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