मानव रैली बनाकर घटना का किया गया विरोध सरकार से उच्च स्तरीय जांच की मांग Hazaribagh : मणिपुर में हो रही घटना के विरोध में हजारीबाग में आदिवासी समाज के लोगों ने मानव रैली निकालकर विरोध दर्ज किया. रैली में शामिल लोगों का कहना है कि मणिपुर में संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है. जिसे लेकर पूरे देशभर में उबाल देखने को मिल रहा है. संसद से लेकर सड़क तक घटना का विरोध किया गया है. लोगों ने यह भी कहा कि जिस तरह से मणिपुर में 2 महिलाओं के निर्वस्त्र करके घुमाया गया, यह जघन्य अपराध है. मानव रैली बना कर हिंदू-मुस्लिम सिख और ईसाई एकता का भी पाठ पढ़ाया गया. इसे भी पढ़ें :कोलेबिरा">https://lagatar.in/three-news-from-simdega-including-the-criminal-who-beat-the-driver-and-ran-away-with-the-truck-in-kolebera-valley/">कोलेबिरा
घाटी में ड्राइवर की पिटाई कर ट्रक ले भागे अपराधी समेत सिमडेगा की तीन खबरें
: बिजली गुल हुई तो एसएनएमएमसीएच में भर्ती मरीज हुए बेहाल [wpse_comments_template]
घाटी में ड्राइवर की पिटाई कर ट्रक ले भागे अपराधी समेत सिमडेगा की तीन खबरें
दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग
हजारीबाग का सर्व आदिवासी समाज चाहता है कि इस घटना में शामिल सभी दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए. किसी को भी बख्शा नहीं जाए. लगभग 5000 घरों को जला दिया जाना तथा लोगों को बेघर रहने के लिए विवश करना निंदनीय है. दंगा फसाद कर अशांत मणिपुर बना दिया गया है. आखिर ऐसे हरकत करने वाले व हालात बनाने वाले कौन हैं? मणिपुर राज्य सरकार द्वारा आरोपियों को खुली छूट दिये जाने की मंशा समझ से परे है. घटना का उच्च स्तरीय जांच करवा कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाय. सकार को संवेदनशीलता साबित करने की आवश्यकता है, तभी दुनिया में भारत की साख को बचाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें :धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-when-there-was-a-power-failure-the-patients-admitted-in-snmmch-became-helpless/">धनबाद: बिजली गुल हुई तो एसएनएमएमसीएच में भर्ती मरीज हुए बेहाल [wpse_comments_template]
Leave a Comment