के बीच हाथ जोड़ो यात्रा करने आये खड़गे : दीपक प्रकाश
सालों से खड़े थे शीशम और सागवान के पेड़
दरअसल हजारीबाग के कटकमसांडी स्थित बहिमर गेट के पास 50 से 200 मीटर तक महाने रोड पर बेशकीमती शीशम और सागवान के पेड़ वर्षों से खड़े थे. वन माफिया ने उन वृक्षों को जड़ से काट डाला और लकड़ियां भी गायब कर दीं. इस संबंध में कई ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग दिनभर जंगल में बकरी चराते हैं. उन्होंने देखा कि अचानक आधा दर्जन पेड़ काट डाले गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग खुलकर इसलिए सामने नहीं आते हैं कि उल्टा उन्हें ही आरोपी बना दिया जाता है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि काटी गई उन लकड़ियां को ट्रैक्टर से ले जाने की एवज में दो वनरक्षियों से डेढ़ लाख रुपए तक सौदा कर रहे थे. फिर ट्रैक्टर सुरक्षित ले गए. यह खेल माफिया हर सप्ताह खुलेआम करते हैं.खुद को कहता है जंगल का राजा, माफिया नहीं, बकरी चरवाहों पर जमाता है अपनी धाक
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में एक सिपाही 2017 से यहां कार्यरत है और प्रत्येक घर की उसे जानकारी है. वह खुद को इस जंगल का वह राजा भी कहता है. लेकिन लकड़ी काटने वाले को नहीं पकड़, बल्कि जंगल में बकरी चराने वाले लोगों को परेशान करता है.alt="" width="600" height="400" />
इन दोनों गार्डों के प्रति विभाग ने भी मूंद रखी हैं आंखें
इन दोनों गार्डों के प्रति वन विभाग ने भी अपनी आंखें मूंद रखी हैं. श्रवण कुमार पूर्व में तिलरा में तैनात थे और उन पर वहां भी पत्थर माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगा था. साथ ही मोटी रकम वसूलने की शिकायत भी मिली थी. इसके बावजूद वन विभाग की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई. विभाग ने उन पर कार्रवाई करते हुए बहिमर गेट भेज दिया, यहां भी ड्यूटी को लेकर उनका सुस्त और एकपक्षीय रवैया रखने की बात ग्रामीण करते हैं. इसे भी पढ़ें:धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-businessmen-burnt-the-effigy-of-agriculture-minister-in-protest-against-the-agriculture-bill/">धनबाद:कृषि बिल के विरोध में व्यवसायियों ने किया कृषि मंत्री का पुतला दहन

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