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हजारीबाग : गहरी नींद में थे दो गार्ड, 200 मीटर पर काट डाले गए हरे-भरे पेड़

लापता हो गईं लाखों की लकड़ियां, बहिमर में अब खड़े नहीं दिखते बेशकीमती आधा दर्जन शीशम माफिया बुलाकर वृक्ष कटवाने का ग्रामीणों ने वन विभाग पर लगाया आरोप, वसूलते हैं मोटी रकम Pramod Upadhyay Hazaribagh: वर्षों से बहिमर गेट के पास खड़े बेशकीमती शीशम के आधा दर्जन हरे-भरे वृक्ष अचानक जड़ से लापता हो गए. ग्रामीणों के अनुसार लाखों की कीमत की लकड़ियां महज 15 से 20 दिनों के अंदर गायब हो गईं. यह सारा खेल वन माफिया का है, जिसे पर्दे के पीछे से विभाग के ही कर्मी ही सहयोग करते हैं. खुद वन विभाग के दो गार्डों श्रवण कुमार और बारला ने बताया कि वे लोग रात में गहरी नींद में थे, उसी बीच 200 मीटर पर हरे-भरे बेशकीमती पेड़ काट डाले गए. इसे भी पढ़ें:घुसपैठियों">https://lagatar.in/kharge-came-to-travel-with-folded-hands-amidst-infiltrators-deepak-prakash/">घुसपैठियों

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सालों से खड़े थे शीशम और सागवान के पेड़

दरअसल हजारीबाग के कटकमसांडी स्थित बहिमर गेट के पास 50 से 200 मीटर तक महाने रोड पर बेशकीमती शीशम और सागवान के पेड़ वर्षों से खड़े थे. वन माफिया ने उन वृक्षों को जड़ से काट डाला और लकड़ियां भी गायब कर दीं. इस संबंध में कई ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग दिनभर जंगल में बकरी चराते हैं. उन्होंने देखा कि अचानक आधा दर्जन पेड़ काट डाले गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि वे लोग खुलकर इसलिए सामने नहीं आते हैं कि उल्टा उन्हें ही आरोपी बना दिया जाता है. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि काटी गई उन लकड़ियां को ट्रैक्टर से ले जाने की एवज में दो वनरक्षियों से डेढ़ लाख रुपए तक सौदा कर रहे थे. फिर ट्रैक्टर सुरक्षित ले गए. यह खेल माफिया हर सप्ताह खुलेआम करते हैं.

खुद को कहता है जंगल का राजा, माफिया नहीं, बकरी चरवाहों पर जमाता है अपनी धाक

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पूर्व में एक सिपाही 2017 से यहां कार्यरत है और प्रत्येक घर की उसे जानकारी है. वह खुद को इस जंगल का वह राजा भी कहता है. लेकिन लकड़ी काटने वाले को नहीं पकड़, बल्कि जंगल में बकरी चराने वाले लोगों को परेशान करता है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/llll-2-1.jpg"

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इन दोनों गार्डों के प्रति विभाग ने भी मूंद रखी हैं आंखें

इन दोनों गार्डों के प्रति वन विभाग ने भी अपनी आंखें मूंद रखी हैं. श्रवण कुमार पूर्व में तिलरा में तैनात थे और उन पर वहां भी पत्थर माफिया के साथ मिलीभगत का आरोप लगा था. साथ ही मोटी रकम वसूलने की शिकायत भी मिली थी. इसके बावजूद वन विभाग की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई. विभाग ने उन पर कार्रवाई करते हुए बहिमर गेट भेज दिया, यहां भी ड्यूटी को लेकर उनका सुस्त और एकपक्षीय रवैया रखने की बात ग्रामीण करते हैं. इसे भी पढ़ें:धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-businessmen-burnt-the-effigy-of-agriculture-minister-in-protest-against-the-agriculture-bill/">धनबाद:

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आरोप को बताया निराधार

वन विभाग के कर्मी वारला ने इस संबंध में बताया कि यह आरोप झूठा है. उन्होंने किसी से पैसे नहीं लिए हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि रात में पेड़ काटे गए हैं. इस पर कार्रवाई की जा रही है. खोजबीन जारी है. यह लकड़ियां रात के अंधेरे का लाभ लेकर काटी जाती हैं.

लकड़ियां काटने से रोकते हैं, तो हो जाते हैं नाराज : श्रवण कुमार

गार्ड श्रवण कुमार ने कहा कि उन पर लगाया गया आरोप गलत है. ग्रामीण इसलिए नाराज रहते हैं कि उन्हें लकड़ियां काटने से रोकते हैं. इसलिए नाराज होकर अनाप-शनाप शिकायत करते हैं.

मामले की होगी जांच : डीएफओ

वहीं वाइल्ड लाइफ डीएफओ अवनीश चौधरी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी. उन्होंने बताया कि रेंजर नए आए हैं, उन्हें जानकारी दी जाएगी और लेन-देन की शिकायत की छानबीन की जाएगी. [wpse_comments_template]

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