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हजारीबाग : पशु तस्करी का नायाब तरीका, फर्जी नंबर वाली लग्जरी बस से 25 मवेशी बरामद

 
Hazaribagh : चौपारण पुलिस लगातार गोवंशीय पशु तस्करों पर कार्रवाई कर रही है, जिसके डर से पशु तस्कर नये नये तरीके ढूंढ़ रहे हैं. यह आज देखने को मिला है. एक लग्जरी बस में क्रूरता पूर्वक ले जाये जा रहे 25 गोवंश को चौपारण पुलिस से जब्त किया है. एक गोवंश की मौत हो गयी थी और एक की हालत नाजुक पायी गयी. पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग को गुप्त सूचना मिली थी कि पशु तस्कर एक ब्लू रंग की रॉकी नामक बस में गौवंश लोड कर बिहार से बंगाल ले जा रहे हैं.

बस चालक अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गया

सूचना मिलने पर एक छापामार दल का गठन किया गया. यह दल चोरदाहा चेकपोस्ट पर वहां तैनात पुलिसकर्मी बादल कुमार महतो और जैप-3 बल के सहयोग से बिहार से आने वाले वाहनों की जांच करने लगा. रात लगभग दो बजे बिहार की ओर से एक ब्लू रंग की बस आती हुई दिखाई दी. पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया तो चालक ने बस नहीं रोकी और चोरदाहा चेकपोस्ट में लगी बैरिकेडिंग तोड़ते हुए बस लेकर चौपारण की ओर भागने लगा. उसका पीछा गिया गया. इसके बाद बस चालक घाटी के पास बस खड़ी कर कूद कर जंगल की ओर भागा. पुलिस ने उसका दूर तक पीछा किया. लेकिन वह जंगल और अंधेरे का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गया.

स्टीकर के माध्यम से फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर चिपकाया गया था

बस की जांच करने पर पता चला कि बस के अंदर सभी सीटें हटाकर उसमें 25 गौवंशीय पशुओं को पैर एवं मुंह बांधकर रखा गया था. बस की जांच करने पर पता चला कि उसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR-02AP-4852 है. लेकिन उपर से स्टीकर के माध्यम से फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर चिपकाया गया था. उसे उखाड़कर जांच करने पर अंदर एक और रजिस्ट्रेशन नंबर BR-02M- 6786 अंकित पाया गया. इसके अलावा फर्जी 18 रजिस्ट्रेशन नंबर के स्टीकर बरामद हुए. छानबीन के बाद चौपारण थाना में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम एवं गौवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया. छापामार दल में थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह, निलेश कुमार रंजन,बादल कुमार महतो के अलावा सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. [wpse_comments_template]
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