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हजारीबाग : विभावि ने लॉ कॉलेज के छात्रों को परीक्षा फॉर्म भरने पर लगाई रोक

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प्रशासनिक भवन के सामने भुक्तभोगी विद्यार्थी चार सितंबर को देंगे धरना भाजपा नेता ने विद्यार्थियों के आंदोलन को दिया समर्थन, कुलपति को सौंपा ज्ञापन Hazaribagh : विनोबा भावे विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में विधि के छात्रों को विभावि प्रशासन ने परीक्षा फॉर्म भरने पर रोक लगा दिया है. इसे लेकर अब लॉ कॉलेज के छात्र चार सितंबर को विश्वविद्यालय प्रशासनिक कार्यालय के सामने धरना देंगे. छात्रों ने इस बाबत बुधवार को ज्ञापन भी सौंपा है. भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्य समिति सदस्य टुन्नू गोप का भी उन्हें समर्थन प्राप्त हुआ है. उन्होंने अपने लेटर हेड पर कुलपति को ज्ञापन सौंपा है. भाजपा के राज्य कार्यकारिणी सदस्य टुन्नू गोप ने कुलपति को पत्र लिखा है और छात्रों के भविष्य को देखते हुए उचित निर्णय करने का अनुरोध किया है. टुन्नू गोप ने पत्र के जरिए बताया है कि विनोबा भावे विश्वविद्यालय अंतर्गत यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज में कुछ बच्चे को रजिस्ट्रेशन और परीक्षा में बैठने से रोक जा रहा है. विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से वार्ता के दौरान बताया गया कि लॉ कॉलेज के पदाधिकारी की ओर से गलत नामांकन लिए जाने के कारण एडमिशन होने की वजह से निबंधन से वंचित किया जा रहा है और परीक्षा फॉर्म भरने से रोका जा रहा है. इसे भी पढ़ें :गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-cpi-ml-resolved-to-make-india-candidate-win/">गिरिडीह

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एक सप्ताह के अंदर फॉर्म भरने की अनुमति देने की मांग

इस संबंध में बताया गया कि एक जांच कमेटी बनाई गई और जांच कमेटी ने दोषी को उस कार्य से दूर रखा है. जब दोषी को दंड दिया जा चुका है, तो ऐसे में बच्चों का विधिवत नामांकन होने के बावजूद निबंधन कार्य से रोकना और परीक्षा फॉर्म से वंचित करना न्याय हित में प्रतीत नहीं होता है. कॉलेज के दो लिस्ट जारी होने के बाद कोई भी लिस्ट विश्वविद्यालय ने जारी नहीं किया. फिर लॉ कॉलेज की ओर से ₹18000/- फीस लिया गया. बच्चों ने पूरी कक्षाएं कीं और फिर विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें रोका जाना कहीं से उचित कदम नहीं है. आवेदन के जरिए यह भी कहा गया है कि विद्यार्थियों के भविष्य को देखते हुए निबंधन की स्वीकृति और परीक्षा फॉर्म की अनुमति एक सप्ताह के अंदर दिया जाए, अन्यथा बाध्य होकर बच्चों के हित में आंदोलन के लिए वह बाध्य होंगे. इसकी सारी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी. इसे भी पढ़ें :साधन">https://lagatar.in/no-one-can-be-deprived-of-justice-due-to-lack-of-means-arun-ojha/">साधन

के अभाव में कोई भी न्याय से वंचित नहीं रह सकता : अरुण ओझा 
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