Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

हजारीबाग: राइट टू एजुकेशन का उल्लंघन, एक मकान में ऊपर हाईस्कूल नीचे दुकान

Advertisement
Advertisement
Hazaribagh: जिले में कुछ स्कूल संचालक राइट टू एजुकेशन का उल्लंघन करने में लगे हैं. मामला सदर प्रखंड स्थित केसुरा मोड़ के पास एनएच-100 के किनारे किराए के मकान में चल रहा प्राइवेट स्कूल से जुड़ा है. वहां दो तले मकान में ऊपर छोटे-छोटे चार कमरों में नर्सरी से दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की जा रही है. वहीं नीचे मुर्गी फार्म और अन्य दुकान चलाए जाते हैं. इतना ही नहीं महज एक किलोमीटर पर अमृतनगर में सरकारी हाईस्कूल पहले से चल रहे हैं. एनएच के किनारे बिना बाउंड्री के स्कूल होने से हर पल सड़क दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है. इसके बाद भी राइट टू एजुकेशन के तहत ऐसे स्कूलों पर किसी प्रकार का संज्ञान विभागीय स्तर पर नहीं लिया गया है. बच्चों की जिंदगी खतरे में रखकर स्कूल चलाया जा रहा है. इसे भी पढ़ें– रांची:">https://lagatar.in/ranchi-shops-being-demolished-from-otc-to-piska-mod-for-flyover-employment-crisis-in-front-of-500-shopkeepers/">रांची:

फ्लाईओवर के लिए ओटीसी से पिस्का मोड़ तक तोड़ी जा रहीं दुकानें, 500 दुकानदारों के सामने रोजगार का संकट
डीइओ उपेंद्र नारायण कहते हैं कि स्कूल की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. नियमत: ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूल रहने पर पांच किलोमीटर की परिधि में कोई विद्यालय नहीं खोला जाना चाहिए. इसके अलावा चार कमरे में, वह भी जहां एक ही मकान में दुकानें भी खुली हों, वहां चार कमरों में स्कूल चलाने का कोई प्रावधान नहीं है. एनएच के किनारे बिना बाउंड्री के स्कूल चलाना बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ है. इसे भी पढ़ें– झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-government-is-also-in-danger-of-operation-lotus-everyone-will-be-in-touch-with-each-other-through-mobile-mahua-manjhi/">झारखंड

सरकार को भी ऑपरेशन लोटस का खतरा, मोबाइल से सभी एक दूसरे के संपर्क में रहेंगे- महुआ मांझी
[wpse_comments_template]
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही