क्या है पूरा मामला ?
alt="" width="600" height="400" /> दरअसल बीएसएफ में सेवा दे रहे जवान प्रकाश कुमार शर्मा को दिसंबर 2022 में सैनिक बंदोबस्ती के तहत रोमी गांव में 10 डिसमिल जमीन बंदोबस्ती पट्टा के तौर पर दिया गया. प्रकाश कुमार शर्मा 2023 में ड्यूटी से छुट्टी लेकर अपनी जमीन पर काम कराने के लिए पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. 22 साल तक बीएसएफ में सेवा देने वाले जवान ने इसकी लिखित शिकायत डीसी, एसपी, एसडीएम, सीओ और थाने से की. लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला.
जवान ने 13 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था FIR
alt="" width="600" height="400" /> पदमा ओपी में 107 के तहत मामला दर्ज किया गया और 13 लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज की. इनमें सुनील मेहता, सत्यनारायण मेहता, राजकुमार मेहता, पीरु मेहता, नरेश मेहता, सुरेंद्र मेहता, महरुम मेहता समेत कई अन्य के नाम दिए गए. पहले यह कहा गया कि यह जमीन स्कूल की है. इस कारण इस पर काम करने नहीं दिया जाएगा. जब स्कूल ने स्पष्ट किया कि यह जमीन उसकी नहीं है, तो स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक जमीन कह कर विरोध किया और उस पर निर्माण करने से रोका. जिसके बाद बीएसएफ जवान की शिकायत पर पुलिस पदाधिकारी दल बल के साथ जमीन को मुक्त कराने के लिए पहुंचे थे, जहां हिंसक झड़प हो गई. बता दें कि पहले भी यह फौजी डीसी के जनता दरबार में आया था जहां उसने बताया था कि सरकार की दी हुई जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा है.
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