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हजारीबाग: पदमा में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, कई घायल

10 डिसमिल जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पहुंची थी पुलिस बीएसएफ जवान को सैनिक बंदोबस्ती के तहत दी गई थी 10 डिसमिल जमीन काम नहीं करने दे रहे थे ग्रामीण Hazaribagh : हजारीबाग के पदमा थाना अंतर्गत उरवां मोड़ स्थित रोमी बंगला के पास शुक्रवार को ग्रामीणों और पुलिस के बीच करीब तीन घंटे हिंसक झड़प हुई. इस दौरान कई जवान और ग्रामीण घायल हो गए. पथराव में जवान अमित कुमार सिंह को चोट लगी. वहीं एक महिला पुलिस भी घायल हुई है. स्थिति पर काबू पाने के लिए पुलिस को आंसू  गैस छोड़ने पड़े. पूरा मामला 10 डिसमिल जमीन से जुड़ा हुआ है. जिसे अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए पुलिस पहुंची थी. जहां पहले से उस जमीन पर बसे लोगों ने विरोध कर दिया.  ऐसे में पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने हो गए. ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. इस कारण स्थिति बेकाबू हो गई. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस छोड़ने पड़े. 

क्या है पूरा मामला ?

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alt="" width="600" height="400" /> दरअसल बीएसएफ में सेवा दे रहे जवान प्रकाश कुमार शर्मा को दिसंबर 2022 में सैनिक बंदोबस्ती के तहत रोमी गांव में 10 डिसमिल जमीन बंदोबस्ती पट्टा के तौर पर दिया गया. प्रकाश कुमार शर्मा 2023 में ड्यूटी से छुट्टी लेकर अपनी जमीन पर काम कराने के लिए पहुंचे, तो उन्हें स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. 22 साल तक बीएसएफ में सेवा देने वाले जवान ने इसकी लिखित शिकायत डीसी, एसपी, एसडीएम, सीओ और थाने से की. लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला.

जवान ने 13 लोगों के खिलाफ दर्ज कराया था FIR

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alt="" width="600" height="400" /> पदमा ओपी में 107 के तहत मामला दर्ज किया गया और 13 लोगों के खिलाफ उन्होंने शिकायत दर्ज की. इनमें सुनील मेहता, सत्यनारायण मेहता, राजकुमार मेहता, पीरु मेहता, नरेश मेहता, सुरेंद्र मेहता, महरुम मेहता समेत कई अन्य के नाम दिए गए. पहले यह कहा गया कि यह जमीन स्कूल की है. इस कारण इस पर काम करने नहीं दिया जाएगा. जब स्कूल ने स्पष्ट किया कि यह जमीन उसकी नहीं है, तो स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक जमीन कह कर विरोध किया और उस पर निर्माण करने से रोका. जिसके बाद बीएसएफ जवान की शिकायत पर पुलिस पदाधिकारी दल बल के साथ जमीन को मुक्त कराने के लिए पहुंचे थे, जहां हिंसक झड़प हो गई. बता दें कि पहले भी यह फौजी डीसी के जनता दरबार में आया था जहां उसने बताया था कि सरकार की दी हुई जमीन पर ग्रामीणों का कब्जा है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/Untitled-11-7.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> इसे भी पढ़ें: बेंगाबाद">https://lagatar.in/bengabad-bike-rider-dies-due-to-bus-collision/">बेंगाबाद

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