भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई को संजय मेहता ने बनाया दिलचस्प
Hazaribagh : हजारीबाग लोकसभा सीट पर मतदान संपन्न होने के साथ ही प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई है. कोई जीत का दावा कर रहा है तो कोई बूथ स्तरीय समीक्षा में जुटा हुआ है. बताते चलें कि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में 19 मई तक दो प्रत्याशियों के बीच टक्कर थी और सभी आकलन कर रहे थे कि भाजपा और गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है, लेकिन 20 मई को अचानक वोटरों का मूड बदल गया और तीसरा प्रत्याशी भी मुकाबले में आ गया. मतदाताओं के बीच भाजपा के मनीष जायसवाल, कांग्रेस के जयप्रकाश भाई पटेल के साथ जेबीकेएसएस से संजय मेहता के नाम की चर्चा होने लगी. शहरी क्षेत्र की बात करें तो यहां जायसवाल कई बूथों पर दिनभर लीड करते रहे तो कई जगहों पर पटेल का भी खूब बोलबाला रहा. वहीं सदर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्र में भाजपा, गठबंधन, और संजय मेहता के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. वहीं बड़कागांव के बूथों पर संजय मेहता को लोग खूब पसंद कर रहे थे. वहीं जाति समीकरण का कोई असर वोटरों में नहीं दिखा. चुनाव के पहले जाति समीकरण की बात हो रही थी, लेकिन जब चुनाव का दिन आया तो जात-पात भूल कर लोगों ने वोट डाले. हालांकि ईवीएम में क्रमांक संख्या के आधार पर गठबंधन प्रत्याशी को कुछ फायदा हुआ है. वहीं ग्रामीण इलाके में संजय मेहता ने भी अपना प्रभाव छोड़ा. उन्हें जयराम महतो के नाम पर लोगों ने खूब वोट दिया. बड़कागांव के कई बूथों पर संजय मेहता दिन भर सुर्खियों में रहे, जबकि विष्णुगढ़ में भी संजय मेहता को लोगों ने वोट दिया. संजय मेहता और राजकुमार मेहता को मिले वोटों का असर इंडी गठबंधन पर पड़ सकता है. हालांकि कुछ जगह भाजपा के वोट भी संजय मेहता को पड़े हैं. अब सभी को 4 जून का इंतजार है, जब पता चलेगा कि मतदाताओं ने किसको अपना जनप्रतिनिधि चुना है. बहरहाल कांटे की टक्कर की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें : भगवान">https://lagatar.in/lord-ram-is-present-in-every-particle-no-one-has-the-capacity-to-bring-him-sadhna-bharti/">भगवानराम कण-कण में हैं, किसी की हैसियत नहीं कि उन्हें ला सके : साधना भारती [wpse_comments_template]
Leave a Comment