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हजारीबाग : शोध कार्य के बिना विद्यार्थी का जीवन नीरस होता है : डॉ मुनीष

Hazaribagh : आईसेक्ट विश्वविद्यालय में वेबिनार का आयोजन हुआ. वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग व आईक्यूएसी के सहयोग से तरबा-खरबा स्थित मुख्य कैंपस में शोध और प्रकाशन विषय पर वेबिनार हुआ. मुख्य संरक्षक के तौर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति संतोष चौबे व बतौर संरक्षक विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके नायक व कुलसचिव डॉ. मुनीष गोविंद वेबिनार में शामिल हुये. बता दें कि यह वेबिनार दरअसल प्राध्यापक-प्राध्यापिकाओं के साथ-साथ शोधार्थियों के लिए विशेष तौर पर था. इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. मुनीष गोविंद ने कहा कि शोधार्थियों को प्रभावी ढंग से अनुसंधान करने के लिए जरूरी कौशल और क्षमता प्रदान करना ही इस वेबिनार का उद्देश्य है. उन्होंने कहा कि शोध कार्य के बिना अध्यापक व विद्यार्थी का जीवन नीरस होता है. उन्होंने कहा कि शोधार्थियों को अपनी दृष्टि में यह जरूर रखना चाहिए कि उनका यह शोध कार्य समाज को क्या दे सकता है. वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. पीके नायक ने शोध में गुणवत्ता के मापदंड बताए और शोध कार्य के लिए अनुदान प्रदान वाली महत्वपूर्ण संस्थाएं भी बताईं. बतौर वक्ता इस वेबिनार में शामिल विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक डॉ. एमके मिश्रा ने विस्तार पूर्वक शोध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य बताए. कहा कि हमेशा शोधार्थियों को शोध में निराधार या तथ्यहीन बात कहने से बचना चाहिए. उन्होंने शोध-पत्र लेखन की अहमियत से भी अवगत कराया. संचालन कॉमर्स विभाग एचओडी डॉ. आलोक कुमार व धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग के एचओडी रितेश कुमार ने किया. वेबिनार को सफल बनाने में कार्यक्रम के सचिव व डीन एडमिन डॉ. एसआर रथ, रितेश कुमार, डॉ. आलोक कुमार, डॉ. बिनिता कुमारी, अजय कुमार वर्णवाल, पूजा सिंह और राजेश रंजन सहित अन्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इसे भी पढ़ें : केंद्र">https://lagatar.in/central-government-gives-z-category-security-to-sita-soren/">केंद्र

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