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हजारीबाग : भाजपा का खेल बिगाड़ सकते हैं यशवंत सिन्हा

 
Rajendra Kumar Dubey Vishnugarh, Hazaribagh: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र से इंडी गठबंधन से कांग्रेस प्रत्याशी हो सकते हैं कद्दावर पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा. इसको लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है. बड़कागांव विधायक अंबा प्रसाद और बरही विधायक उमाशंकर यादव उर्फ अकेला यादव की ऋषव बाटिका में यशवंत सिन्हा से हुई मुलाकात, इस चर्चा को और हवा दे रही है. हजारीबाग में उनका लंगर डालना इसी ओर इशारा भी कर रहा है. अब सवाल यह है कि क्या प्रचंड राम लहर में भाजपा के चुनावी अश्वमेघ के घोड़े को यशवंत सिन्हा हजारीबाग में रोक पाएंगे. इस पर दावे के साथ तो कुछ नहीं कहा जा सकता है, मगर उनके हजारीबाग के चुनावी रण में कूदने से टक्कर कांटे की हो सकती है. इसके पीछे वजहें हैं. इनमें हजारीबाग से उनके चार दशक पुराने राजनीतिक रिश्ते के अलावा कांग्रेस के नाम पर एकमुश्त अल्पसंख्यक मतदाताओं के वोट मिलने की संभावना है. इसे भी पढ़ें-भाजपा">https://lagatar.in/bjp-should-not-consider-kushwaha-as-its-follower-raju-mahato/">भाजपा

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यशवंत सिन्हा के मैदान में कूदने से मुकाबला हो सकता है रोचक

राजनीतिक पंडित भी इस संभावना से इनकार नहीं करते. उधर यशवंत सिन्हा के कारण भाजपा के वोटों में सेंधमारी हो सकती है. ऐसा इसलिए कि यशवंत सिन्हा के भाजपा छोड़ने के बावजूद कई भाजपा कार्यकर्ताओं की उनसे अन्तरंगता में कोई कमी नहीं आई है. उनके हजारीबाग प्रवास के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं का मिलना जुलना होता रहता है. वैसे कार्यकर्ता भाजपा में भले हों, लेकिन मन से यशवंत सिन्हा के साथ हैं. इस घालमेल का तोड़ भाजपा के पास नहीं है. यशवंत सिन्हा की राजनीतिक सफर की शुरुआत हजारीबाग से ही हुई थी. उन्होंने साल 1984 में तत्कालीन जनता पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़ा था. दस हजार के आसपास उन्हें मत मिले थे. तब उनके सारथी प्रो राधेश्याम अम्बष्ठ बने थे. उसके बाद उन्होंने भाजपा का झंडा थामा और सांसद व केंद्र में मंत्री बने. कई कार्यकर्ता हजारीबाग से भाजपा के पहले सांसद डॉ यदुनाथ पांडेय को टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं. उन्हें इस बार डॉ पांडेय को टिकट मिलने का भरोसा था. इन तमाम परिस्थितियों से भाजपा प्रत्याशी मनीष जायसवाल को दो चार होना पड़ेगा. इन सबसे इतर भाजपा प्रत्याशी जीत को लेकर आश्वश्त हैं. उन्हें राम लहर और मोदी मैजिक पर पूरा विश्वास है. पुराने अनुभव भी यही कहते हैं कि मोदी है तो मुमकिन है. इसे भी पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-grand-gathering-of-obc-community-in-harmu-maidan-khesari-lal-yadav-wowed-the-people/">रांचीः

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