: एनडीए में 33वां रैंक लाने वाले हर्ष को विधायक ने किया सम्मानित
विश्वविद्यालय की ओर से शिक्षक प्रतिनिधि नहीं
अन्नदा कॉलेज में विश्वविद्यालय की ओर से अब तक किसी शिक्षक प्रतिनिधि को नहीं दिया गया है. वहीं कॉलेज में निर्वाचित की जगह मनोनीत शिक्षक प्रतिनिधि हैं. नाम न छापने की शर्त पर कई शिक्षक इस पर सवाल उठाते हैं कि निर्वाचित शिक्षक प्रतिनिधि नहीं रहने से उनकी समस्याओं को उचित फोरम पर उठानेवाला कोई नहीं है. मनोनीत शिक्षक प्रतिनिधि कॉलेज प्रबंधन के इतर कुछ करने की स्थिति में नहीं रहते हैं.कॉलेज में नियम और प्रावधान के तहत होता है सब काम : प्रिंसिपल-इन-चार्ज
अन्नदा कॉलेज के प्रिंसिपल-इन-चार्ज नीलमणि मुखर्जी कहते हैं कि संस्थान में सारा काम नियम और प्रावधान के तहत होता है. यह कॉलेज वित्तरहित संबंद्धन प्राप्त भाषाई अल्पसंख्यक कॉलेज है. फिलहाल यहां 12 हजार के आसपास विद्यार्थी अध्ययनरत हैं. बिहार के वक्त ही कॉलेज को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला था. झारखंड सरकार से भी अल्पसंख्यक का दर्जा बहाल रखने के लिए पत्राचार किया गया है. कॉलेज में आरंभ से ही प्रोफेसर इन-चार्ज को शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में मनोनीत करने का निर्णय सर्वसम्मति से लिया गया था. इस परंपरा का निर्वहन अब भी किया जा रहा है. चूंकि यह कॉलेज गवर्निंग बॉडी से संचालित है, इसलिए यहां विश्वविद्यालय प्रतिनिधि नहीं है. इसे भी पढ़ें :लातेहार">https://lagatar.in/latehar-police-got-big-success-naxalite-kajesh-ganjhu-with-reward-of-2-lakhs-arrested/">लातेहारपुलिस को मिली बड़ी सफलता, 2 लाख का इनामी नक्सली काजेश गंझू गिरफ्तार

Leave a Comment