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उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयनित हुए हजारीबाग के चार सरकारी स्कूल

जिले के चार विद्यालयों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयनित होना गर्व की बात : डीसी Hazaribagh : हजारीबाग जिले के चार स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालयों के लिए चयनित किया गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हजारीबाग जिले में चयनित जिला स्कूल हजारीबाग, राजकीय बालिका प्लस विद्यालय हजारीबाग, कस्तूरबा गांधी विद्यालय चुरचू एवं मॉडल विद्यालय बरही को राजकीय कार्यक्रम में उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में ऑनलाइन उद्घाटन किया. राज्य सरकार की ओर से पूरे राज्य में प्रथम चरण के तहत 80 विद्यालयों का चयन कर उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं से लैस किया गया है. इस क्रम में चयनित विद्यालयों के शिक्षकों को भी उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया गया है. इसी कड़ी में हजारीबाग जिले से भी उन चारों विद्यालयों का चयन उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में किया गया है, ताकि सरकारी विद्यालय के बच्चे भी निजी विद्यालयों की तर्ज पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली से अपने को जोड़ सकें. राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में राज्य स्तरीय उद्घाटन कार्यक्रम का ऑनलाइन प्रसारण किया गया. इस अवसर पर डीसी नैंसी सहाय ने कहा कि जिला के चार स्कूलों का उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में चयनित होना गर्व की बात है. इन विद्यालयों में सीबीएसई मॉडल पर बच्चों की पढ़ाई होगी. उत्कृष्ट विद्यालय का उद्देश्य सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को निजी विद्यालय की तर्ज पर सारी शैक्षणिक सुविधाएं एवं गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुलभ कराना है, ताकि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब परिवार के बच्चे भी आधुनिक सुविधा पाकर शैक्षणिक रूप से सशक्त हो सकें. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर भी सरकारी स्कूलों खासकर आवासीय विद्यालय, बालिका विद्यालय, उच्च विद्यालयों में आधारभूत संरचना को दुरुस्त करने के साथ-साथ शिक्षण से संबंधित बुनियादी आवश्यकताओं को उपलब्ध कराने के लिए डीएमएफटी के माध्यम से चरणवार जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का कार्य कराया जा रहा है. जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं बुद्धिजीवियों के सहयोग से बच्चों में रचनात्मकता एवं शिक्षकों की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रशिक्षण, काउंसिलिंग आदि का कार्य कराया जा रहा है. उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर परिणाम एवं शैक्षणिक माहौल की बेहतरी के लिए शिक्षकों की मेहनत, अभिभावकों का सहयोग, बच्चों की लगन, बुद्धिजीवियों एवं विद्यालय प्रबंधन का सहयोगात्मक रवैया की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने बच्चों से अपील की कि सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से ऐसा कार्य करें कि जिसे लोग आपसे प्रेरित हो सकें. मौके पर प्रशिक्षण आईएएस शताब्दी मजूमदार, क्षेत्रीय संयुक्त शिक्षा उप निदेशक सुमनलता टोपनो, डीएवी के सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी उपेंद्र नारायण, सांसद प्रतिनिधि कोडरमा भुवनेश्वर पटेल, सदर विधायक प्रतिनिधि दिनेश सिंह राठौर आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे. इस अवसर पर जिला स्तरीय पदाधिकारी, विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मी सहित कई लोग मौजूद थे. इसे भी पढ़ें : ऐतिहासिक">https://lagatar.in/land-mafia-encroached-upon-the-land-of-the-historic-saint-columba-college/">ऐतिहासिक

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