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HC ने पूछा- पहली और दूसरी JPSC के आरोपियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति के लिए क्या कदम उठाये गए

 
Ranchi: पहली और दूसरी जेपीएससी समेत अन्य परीक्षाओं की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से पूछा है कि CBI ने जिन आरोपी अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति मांगी थी, उस बिंदु पर राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाए गए हैं. वहीँ सीबीआई ने इस मामले में अपनी स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है. जिसके बाद अब अदालत ने इस केस की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर निर्धारित की है. इसे पढ़ें-रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-bringing-sankat-mochan-temple-under-the-ambit-of-religious-justice-council-is-wrong-kunal-ajmani/">रांचीः

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दरअसल, इन तमाम परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रार्थी बुद्धदेव उरांव ने 2008 में जनहित याचिका दाखिल की थी. इसके बाद हाईकोर्ट ने इन परीक्षाओं की सीबीआई जांच करने का निर्देश देते हुए नियुक्ति पर रोक लगा दी थी. इसके खिलाफ सरकार और मुकदमे से प्रभावित अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी. जहां से उन्हें राहत मिली और हाईकोर्ट के नियुक्ति प्रक्रिया को रोकने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था, लेकिन सीबीआई जांच के आदेश को बरकरार रखा था. इस मामले में जांच पूरी की जा चुकी है. मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्र एवं आनंदा सेन की खंडपीठ पूरे मामले पर सुनवाई कर रही है. इसे भी पढ़ें-INDIA">https://lagatar.in/emergency-mentality-alive-in-india-alliance-threatening-sanatan-and-media-is-their-pastime-nadda/">INDIA

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