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HC का निर्देश, जब तक समरी लाल का केस है लंबित, तब तक आदेश पारित न करे कास्ट स्क्रूटनी कमिटी

 
Ranchi: भाजपा के कांके विधायक समरी लाल के कास्ट सर्टिफिकेट को सही करार दिए जाने के झारखंड हाईकोर्ट के एकल पीठ के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट की डबल बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने कास्ट स्क्रूटनी कमिटी को यह निर्देश दिया गया है कि जब तक झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष मामला विचाराधीन है, तब तक कोई आदेश पारित न किया जाए. इसके साथ ही अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 24 जून की तारीख मुकर्रर की है. हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा और जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने सुरेश बैठा की अपील पर सुनवाई की. इसे पढ़ें- बिहार">https://lagatar.in/bihar-rats-broke-the-dam-of-gandak-canal-flood-water-entered-the-villages/">बिहार

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हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 31 जनवरी को MLA समरी लाल के जाति प्रमाण पत्र के मामले में स्क्रूटनी कमिटी के आदेश को रद्द कर दिया था. साथ ही यह निर्देश दिया था कि इस मामले की सुनवाई के लिए एक अलग कमिटी बनाई जाए. जिसके खिलाफ सुरेश बैठा ने झारखंड हाईकोर्ट में LPA दाखिल की है. LPA के माध्यम से एकल पीठ के आदेश को चुनौती दी गई है. MLA समरी लाल ने हाईकोर्ट के कास्ट स्क्रूटनी कमिटी के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत करार दिया गया था. याचिका में कहा गया है कि बिना किसी ठोस आधार के समरी लाल की जाति प्रमाण पत्र को अवैध करार दिया गया है. 1 अप्रैल को स्टेट स्क्रूटनी कमिटी ने बिना किसी गवाह और ठोस साक्ष्य के उनके जाति प्रमाण पत्र को गलत करार दिया, जो निराधार है. इसे भी पढ़ें- रंका">https://lagatar.in/inauguration-of-five-day-single-school-training-program-at-ranka-high-school-ground/">रंका

हाई स्कूल मैदान में पांच दिवसीय एकल विद्यालय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ 
विधायक समरी लाल की ओर से वरीय अधिवक्ता अनिल सिन्हा, कुमार हर्ष और सूरज किशोर प्रसाद ने पक्ष रखा, वहीँ सुरेश बैठा की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा और अविनाश अखरी ने पक्ष रखा. [wpse_comments_template]
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