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HC ने जमाबंदी रद्द करने का दिया था आदेश, हेहल अंचल ने 30 मई को आवेदन रिसीव किया, अब सीओ कह रहे- उन्हें कुछ पता ही नहीं

Vinit Abha Upadhyay  Ranchi  :  झारखंड हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने 17 नवंबर 2022 को और डबल बेंच ने 18 अप्रैल 2023 को हेहल अंचल के बजरा मौजा की खाता 140 की जमीन की जमाबंदी रद्द करने का आदेश दिया था. लेकिन सीओ ने अब तक जमाबंदी रद्द करने के आदेश पर कार्रवाई नहीं की है. खुद को खाता 140 की जमीन का दावेदार बताने वाले चंदन कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी. सिंगल बेंच के आदेश को चुनौती दी गयी थी. लेकिन डबल बेंच ने भी सिंगल बेंच के आदेश को बरकरार रखने का आदेश पारित किया था. जब हमने इस पूरे मामले पर हेहल अंचल के अंचलाधिकारी (CO) से यह जानना चाहा कि खतियानी रैयतों के आवेदन पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है. तो उन्होंने कहा कि रैयतों द्वारा कोई आवेदन अंचल में दिया गया है इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. जबकि रैयतों द्वारा 29 मई को दिये गये आवेदन को अंचल ने 30 मई को ही रिसीव कर लिया है. आवेदन पर अंचल की मुहर भी लगी हुई है, जिसपर "अंचल कार्यालय हेहल पत्र प्राप्त" लिखा हुआ है.

रिकॉर्ड रूम में नहीं है खाता 140 का मूल दस्तावेज 

बता दें कि रांची के तत्कालीन DC छवि रंजन ने लगभग 7 एकड़ 16 डिसमिल जमीन का 83 साल का लगान रसीद एक ही दिन काटने का आदेश दिया था. जिस जमीन के संबंध में हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया था. वह रांची शहर से करीब 5 किमी दूर हेहल अंचल की है. जमीन बजरा मौजा में स्थित है. जमीन का कुल रकवा 7 एकड़ है. जिसका खाता नंबर 140 है. करोड़ों रुपये मूल्य की इस जमीन पर पुलिस की मौजूदगी में बाउंड्री भी हुई थी. जिसका भारी विरोध भी हुआ था. रजिस्ट्री होने के करीब एक साल बाद यह खुलासा हुआ है कि खाता 140 की जिस चर्चित भूमि का लगान निर्धारण के बिना रसीद निर्गत हुआ है, उसका मूल दस्तावेज ही रिकॉर्ड रूम में नहीं है.

ईडी ने इस भूखंड को कर लिया है अटैच 

खाता 140 की करीब 7 एकड़ भूमि की रजिस्ट्री रवि भाटिया और श्याम सिंह के नाम पर चार अलग-अलग डीड के माध्यम हुई है. इस भूमि का लगान रसीद रवि भाटिया और श्याम सिंह की रजिस्ट्री से एक दिन पूर्व ही निर्गत हुआ था. वर्ष 1938 से लेकर वर्ष 2021 तक का लगान निर्धारण किये बिना लगान रसीद जारी की गयी थी. जिसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त नितिन मदन कुलकर्णी ने इस जमीन की जमाबंदी के मामले में रांची डीसी छवि रंजन के आदेश को नियम विरूद्ध बताया था. फिलहाल इस पूरे मामले की जांच ईडी कर रही है और इस भूखंड को अटैच कर लिया गया है. [wpse_comments_template]

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