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बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख यूनुस ने संभाला कामकाज, पीएम मोदी ने शुभकामनाएं दीं

  Dhaka :  नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख के तौर पर गुरुवार को शपथ ली. देश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ और फिर सरकार विरोधी व्यापक प्रदर्शनों के बीच शेख हसीना ने सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर चली गई थीं. बांग्लादेश में अफरा-तफरी के माहौल के बीच यूनुस ने देश की बागड़ोर संभाली है और उनके सामने फिलहाल देश में शांति बहाल करने और चुनाव कराने का जिम्मा है. यूनुस (84) को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने राष्ट्रपति भवन बंगभवन में आयोजित एक समारोह में मुख्य सलाहकार के रूप में शपथ दिलाई जो प्रधानमंत्री के समकक्ष पद है.

हसीना की पार्टी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था

समारोह में राजनीतिक दलों के नेता, न्यायाधीश, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि, तीनों सेनाओं के प्रमुख, पुलिस महानिरीक्षक, वरिष्ठ सैन्य एवं असैन्य अधिकारी, राजनयिक, स्वतंत्रता सेनानी, वरिष्ठ पत्रकार एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे. इस दौरान हसीना की पार्टी का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था. अंतरिम मंत्रिमंडल के 16 अन्य सदस्य मुख्य रूप से नागरिक समाज से जुड़े लोग हैं और इसमें छात्र आंदोलन के दो नेता भी शामिल हैं. मंत्रिमंडल के सदस्यों का चयन छात्र नेताओं, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और सेना के बीच हुई चर्चा के बाद किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूनुस को शुभकामनाएं दीं और देश में जल्द ही स्थिति सामान्य होने तथा हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई.

हिंदुओं ,सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी

मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस को नयी जिम्मेदारी संभालने के लिए मेरी ओर से शुभकामनाएं. हम उम्मीद करते हैं कि जल्द ही सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी और हिंदुओं व अन्य सभी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. उन्होंने कहा, ‘भारत शांति, सुरक्षा व विकास के लिए दोनों देशों के लोगों की साझा आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए बांग्लादेश के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है.’ यूनुस ओलंपिक खेलों के लिए पेरिस गए थे. अपने आगमन के बाद ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाता सम्मेलन में यूनुस ने बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन को दूसरी आजादी बताया. पेशे से अर्थशास्त्री और बैंकर यूनुस को गरीब लोगों, विशेष रूप से महिलाओं की मदद के लिए माइक्रोक्रेडिट के उपयोग में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

यूनुस को सबसे गरीब लोगों का बैंकर भी कहा जाता है.

यूनुस को सबसे गरीब लोगों का बैंकर भी कहा जाता है. इसे लेकर उन्हें आलोचना का सामना भी करना पड़ा था और एक बार हसीना ने यूनुस को खून चूसने वाला कहा था. यूनुस ने 1983 में ग्रामीण बैंक की स्थापना की ताकि उन उद्यमियों को छोटे ऋण उपलब्ध कराए जा सकें जो सामान्यतः उन्हें प्राप्त करने के योग्य नहीं होते. लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में बैंक की सफलता ने अन्य देशों में भी इसी तरह के लघु वित्त पोषण के प्रयासों को बढ़ावा दिया. वह हसीना के कटु आलोचक और विरोधी माने जाते हैं. उन्होंने हसीना के इस्तीफे को देश का दूसरा मुक्ति दिवस ​​बताया.  

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