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स्वास्थ्य विभाग की अपील, नेत्रदान के लिए आगे आएं लोग

Ranchi: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के तहत राज्य अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और इसमें भाग लेने की अपील की गई है. विभाग का कहना है कि नेत्रदान एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आंखों के जरिए दो नेत्रहीन लोगों को रौशनी मिल सकती है.
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Ranchi: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के तहत राज्य अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम द्वारा लोगों से नेत्रदान के प्रति जागरूक होने और इसमें भाग लेने की अपील की गई है. विभाग का कहना है कि नेत्रदान एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसकी आंखों के जरिए दो नेत्रहीन लोगों को रौशनी मिल सकती है.

 

राज्य में अंधत्व की समस्या को कम करने के उद्देश्य से लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, कॉर्निया खराब होने की वजह से कई लोग देखने की क्षमता खो देते हैं और इसका इलाज केवल नेत्रदान के जरिए ही संभव है.

 

इस अभियान के तहत अलग-अलग जिलों में रैली, शिविर और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. स्कूल और कॉलेजों में भी छात्रों को नेत्रदान के महत्व के बारे में बताया जा रहा है. इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से लोगों को इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है.

 

स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि नेत्रदान की प्रक्रिया बेहद सरल और सम्मानजनक होती है. किसी व्यक्ति की मृत्यु के 4 से 6 घंटे के भीतर यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता. परिवार की सहमति से ही नेत्रदान किया जाता है.

 

विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार के सदस्यों को भी इसके लिए प्रेरित करें. अधिक जानकारी के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल या नेत्र बैंक से संपर्क किया जा सकता है. नेत्रदान को महादान बताते हुए विभाग ने कहा कि यह किसी के जीवन में नई रोशनी और उम्मीद ला सकता है. 

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