Ranchi News: झारखंड में मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी तेज कर दी है. इन बीमारियों पर नियंत्रण और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
मंगलवार 6 अक्टूबर को रांची के IPH सभागार में राज्यस्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें पलामू, गिरिडीह, लातेहार और गढ़वा जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काम करने वाले मल्टी पर्पस वर्कर शामिल हुए. ये कर्मी वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम से जुड़े काम करते हैं.
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प्रशिक्षण में राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ रंजीत प्रसाद और IEC के राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ राहुल किशोर सिंह के मार्गदर्शन में विशेषज्ञों ने जानकारी दी. विश्व स्वास्थ्य संगठन, पिरामल फाउंडेशन और राष्ट्रीय मलेरिया अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञ भी प्रशिक्षण में शामिल रहे.
स्वास्थ्य कर्मियों को मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के फैलने के कारण, मच्छरों के जीवन चक्र और बीमारी के संक्रमण को रोकने के तरीकों के बारे में बताया गया. मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म करने और वेक्टर कंट्रोल गतिविधियों को बेहतर तरीके से लागू करने की जानकारी भी दी गई.
इसके अलावा लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरूक करने, Lab Assessment, IEC गतिविधियों, BLTF के दिशा-निर्देश और Notifiable Diseases से जुड़े नियमों पर भी चर्चा हुई. स्वास्थ्य कर्मियों को अपने क्षेत्र में किए जाने वाले काम की निगरानी और रिपोर्टिंग के बारे में भी जानकारी दी गई.
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि घर और आसपास पानी जमा न होने दें. कूलर, गमले और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें. सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें और शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
राज्य के अन्य जिलों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा. 7 अक्टूबर को पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, देवघर और जामताड़ा के चिन्हित स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं 8 अक्टूबर को दुमका, गोड्डा, साहेबगंज और पाकुड़ के स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण होगा.
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