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स्वास्थ विभाग की समीक्षा बैठकः IMR और MMR को जीरो करने का लक्ष्य

 
Ranchi: मैटरनल मॉर्टैलिटी रेट (एमएमआर) और इंफैंट मॉर्टैलिटी रेट (आईएमआर) को शून्य करना है. इसके लिए किसी भी माता का बाहर प्रसव नहीं हो, इसका ध्यान रखें. संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए विभाग हर संभव प्रयास कर रहा है. इसके लिए ममता वाहन का रेट बढ़ाने की भी प्रक्रिया शुरू है. जल्द ही इसका लाभ मिलने लगेगा. यह बातें अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह ने स्वास्थ विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कही. समीक्षा बैठक में राज्यभर के रिजनल डिप्टी डायरेक्टर हेल्थ, सिविल सर्जन एवं डीआरसीएचओ उपस्थित थे. इसे पढ़ें- बोकारो">https://lagatar.in/bokaro-king-parikshit-attained-salvation-within-7-days-after-listening-to-bhagwat-katha-sachin-kaushik-ji-maharaj/">बोकारो

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अस्पतालों की खामियों को जल्द करें दूर

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में संस्थागत प्रसव के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर हर हाल में अपलोड कराने का निर्देश दिया है. सदर अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में छोटे-मोटे रिपेयरिंग के जैसे टूटे दरवाजे, कांच बदलने, फर्श, टाइल्स, शौचालयों के मरम्मत, मोटर, पाइपलाइन इत्यादि के मरम्मति के लिए भेजी गई राशि से खर्च कराने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे खर्च के लिए समय की बाट नहीं जोहें. उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित करा कर ऐसे कार्य करा लें.

राज्य से भेजी गई राशि के खर्च की समीक्षा कर लें

अरुण सिंह ने कहा कि राज्य मुख्यालय से जिलों को भेजी गई राशि को यथाशीघ्र खर्च करें. यदि राशि खर्च नहीं हुई है तो इसकी समीक्षा कर लें कि क्यों खर्च नहीं हुई है. खर्च नहीं होने की स्थिति में संबंधित जिलों के सिविल सर्जन जिम्मेदार होंगे. बैठक में सीजीग्राम, मानवाधिकार और न्यायालय से संबंधित लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई. निर्देश दिया गया कि यथाशीघ्र सभी मामलों का निपटारा गंभीरता के साथ करें. किसी भी मामले को कैजुअल न लें. एसीएस ने बायोमीट्रिक अटेंडेंस की भी समीक्षा की एवं सभी सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि आउटसोर्स, अनुबंध एवं नियमित कर्मचारियों के वेतन भुगतान बायोमीट्रिक अटेंडेंस के आधार पर ही करें. अस्पतालों में उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं की मॉनिटरिंग हेतु जिला एवं प्रखंड स्तर पर गठित हॉस्पिटल मैनेजमेंट सोसाइटी की बैठक प्रत्येक तीन माह पर कराने एवं कृत कार्रवाई से राज्य को सूचित करने का निर्देश दिया गया. इसे भी पढ़ें- सीबीएसई">https://lagatar.in/ranchi-returns-with-victory-in-cbse-national-football-championship/">सीबीएसई

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बैठक में ये रहे मौजूद

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव आलोक त्रिवेदी, विद्यानंद शर्मा पंकज, सीमा कुमारी उदयपुरी, एडिशनल सेक्रेट्री जय किशोर प्रसाद, निदेशक प्रमुख डॉ कृष्ण कुमार सहित सभी आरडीडीएच, सिविल सर्जन, डीआरसीएचओ सहित सभी पदाधिकारी मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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