Mumbai : डॉलर के मुकाबले रुपये की सेहत लगातार खराब हो रही है. आज बुधवार को भी अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव जारी रहा.रुपया 97 प्रति डॉलर के लगभग पहुंच गया.
पिछले कारोबार दिवस पर भारतीय मुद्रा(रुपया) 50 पैसे लुढ़ककर 96.70 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी. इस क्रम में आज रुपया 19 पैसे और गिरा. यह 96.89 रुपये प्रति डॉलर पर खुला और 96.9575 रुपये प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर तक आ गया.
हालांकि बाद में रुपया 96.77 रुपये प्रति डॉलर तक मजबूत हो गया. जानकारों का कहना है कि FII लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा वापस निकाल रहे हैं. इस कारण रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है.
भारत अपनी जरूरत का कच्चा तेल आयात करता है. वर्तमान में पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतराष्ट्रीय स्थिति डांवाडोल है, उसकी वजह से भारत को ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं.
अहम बात यह है कि इस साल यानी 2026 में रुपया एशिया की सबसे कमजोर और खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है. इस माह अब तक रुपये में 1.5 प्रतिशत और इस साल 7 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आयी है.
विदेशी मुद्रा कारोबारी और एक्टपर्ट्स के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और होर्मुज मार्ग के बंद होने से निर्यात पर प्रभाव पड़ा है. साथ ही खाड़ी देशों से आयात में व्यवधान आने के कारण रुपये की स्थिति नाजुक मोड़ पर बनी हुई है.
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