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हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल ने 5 वर्षों में किया 500 से ज्यादा Knee Replacement, मरीजों ने साझा किया अनुभव

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Ranchi: बरियातू रोड स्थित हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल में घुटना प्रत्यारोपण री-चेकअप कैंप का आयोजन किया गया. इस दौरान हॉस्पिटल के हड्डी रोग सर्जन डॉ. अनूप मोहन नायर ने बताया कि वर्तमान समय में ऑर्थो केयर बहुत उन्नत हो गया है और नी-रिप्लेसमेंट में नवीनतम तकनीक के माध्यम से हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल ने पिछले 5 सालों में 500 से ज्यादा लोगों की घुटना प्रत्यारोपण की सर्जरी कर उन्हें एक नया जीवन दिया है. अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण की टीम दक्षिण भारत से है और यहां सर्वोत्तम प्रत्यारोपण और तकनीक का उपयोग कर नी-रिप्लेसमेंट किया जाता है.

65 साल से अधिक उम्र के बाद घुटने का दर्द आम

डॉ. अनूप मोहन नायर ने बताया कि 65 साल से अधिक उम्र के बाद घुटने दर्द की समस्या आम बात हो गई है. उन्होंने कहा कि हमारे हॉस्पिटल में घुटना, कुल्हा, कंधे का प्रत्यारोपण अत्याधुनिक तकनीक से लैस ऑपरेशन थिएटर में किया जाता है. डॉ नायर ने बताया कि एक घुटने के प्रत्यारोपण में 3 दिन का वक्त लगता है. जिसके बाद मरीज आसानी से चल-फिर सकते हैं. इसे भी पढ़ें- तो">https://lagatar.in/so-is-the-worlds-view-on-taliban-changing/">तो

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री-चेकअप कैंप में घुटना प्रत्यारोपण कराने वाले मरीज पहुंचे

रांची के मेट्रो गली की रहने वाली 58 वर्षीय गिरधर देवी ने कहा कि लंबे समय से घुटने के दर्द से परेशान थीं. कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन राहत नहीं मिल रही थी. हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल में डॉ. अनूप मोहन नायर ने घुटने का प्रत्यारोपण किया और अब बिल्कुल स्वस्थ हूं. उन्होंने कहा कि मैं रोज मॉर्निंग वॉक करती हूं और घर के सारे काम भी करती हूं. वहीं उमा देवी, राधा रानी समेत अन्य मरीजों जिन्होंने अपने घुटने का प्रत्यारोपण कराया था, उन्होंने भी अनुभव साझा किया. इसे भी पढ़ें- बैंकों">https://lagatar.in/10-lakh-employees-of-banks-remained-on-strike-media-turned-their-backs-avoid-telling-big-mess-lagatar-in/">बैंकों

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पड़ोसी राज्य के लोगों ने भी हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल में कराया घुटना प्रत्यारोपण

हेल्थ प्वाइंट हॉस्पिटल में नी रिप्लेसमेंट के लिए ना सिर्फ झारखंड ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़,  उड़ीसा और बिहार के भी मरीज पहुंचते हैं. डॉ नायर ने बताया कि रिप्लेसमेंट के लिए अस्पताल में दो तरह के पैकेज हैं. 1.25 लाख और 1.55 लाख का है. 1.25 लाख के इंप्लांट में नीचले हिस्से में प्लास्टिक का काम रहता है. वहीं 1.55 लाख के पैकेज में मेटल का इम्प्लांट लगता है. मेटल इंप्लांट की अवधि 25 साल से अधिक की हो जाती है. [wpse_comments_template]  

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