Ranchi: आधुनिक कंपनी के निदेशक महेश अग्रवाल की जमानत पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस रंगन मुखौपाध्याय और जस्टिस राजेश कुमार की बेंच में महेश अग्रवाल की बेल पिटीशन पर सुनवाई हुई. सभी पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद अदालत ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. महेश अग्रवाल फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं, उन्हें एनआईए ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था. जमानत पर कोर्ट क्या फैसला सुनाता है यह देखना बहुत महत्वपूर्ण है. इसे भी पढ़ें -सदन">https://lagatar.in/lobin-hembram-got-emotional-outside-the-house-said-i-will-complain-to-guruji-khatian-is-the-license-of-jharkhandis/">सदन
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प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को मदद पहुंचाने का है आरोप
बता दें कि मगध आम्रपाली प्रोजेक्ट में लोडिंग एवं खनन के लिए कार्य कर रही कंपनियों पर प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने समेत कई आरोप लगे हैं. इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. वहीं रांची एनआईए की विशेष अदालत के द्वारा लिए गए संज्ञान को चुनौती देते हुए आरोपियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए क्वैशिंग याचिका दाखिल की थी. जिसे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है. इसी मामले के आरोपी दिनेश केडिया को देश की शीर्ष अदालत ने जमानत दे दी है. इसे भी पढ़ें –लोकसभा">https://lagatar.in/finance-bill-2022-delhi-municipal-corporation-amendment-bill-introduced-in-lok-sabha-demanding-imposition-of-presidents-rule-in-west-bengal/">लोकसभामें वित्त विधेयक 2022, दिल्ली नगर निगम संशोधन विधेयक पेश, राज्यसभा में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग [wpse_comments_template]
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